
रायपुर। बालोद जिले के विकासखंड डौण्डी अंतर्गत ग्राम पंचायत घोतिमटोला से बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचे ग्रामीणों और पंचों के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताई। ग्रामीणों ने सांसद बृजमोहन को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि वर्ष 2014 में नवीन ग्राम पंचायत गठन के 12 वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक गांव में पंचायत भवन का निर्माण नहीं हो सका है, ग्रामीणों का कहना है कि उनके ग्राम पंचायत में पंचायत भवन प्रस्तावित था लेकिन उसका निर्माण आश्रित ग्राम में करा दिया गया। जिसको लेकर ग्रामीणों ने कोर्ट में भी मामला दर्ज कराया है और अधिकारियों से भी मुलाकात की लेकिन कही से राहत न मिलने के बाद उन्होंने पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल से भेंट की।
इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत में अब तक कराए गए विकास कार्यों और शासकीय राशि के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीणों ने सांसद बृजमोहन पूरे मामले की प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया। ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी वे पंचायत भवन निर्माण अथवा विकास कार्यों में पारदर्शिता को लेकर स्थानीय स्तर पर आवाज उठाते हैं, तो स्थानीय प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा उन्हें सहयोग देने के बजाय एफआईआर दर्ज कराने और कानूनी कार्रवाई की धमकियां दी जाती हैं।

ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनने के बाद रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि “बालोद जिले के घोतिमटोला से ग्रामीण पहली बार अपनी वाजिब मांगों को लेकर मेरे पास पहुंचे हैं। लोकतंत्र में जनता की आवाज दबाना और विकास कार्यों में अपारदर्शिता रखना कतई स्वीकार्य नहीं है। ग्रामीणों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय या प्रशासनिक दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बृजमोहन ने कहा कि, गांव में यथाशीघ्र पंचायत भवन का निर्माण हो, शासकीय राशि के उपयोग में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और ग्रामीणों द्वारा उठाए गए बिंदुओं की निष्पक्ष जांच हो, इसके लिए संबंधित उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर त्वरित और न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा। यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए।” इस अवसर पर क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंच एवं बड़ी संख्या में घोतिमटोला और आश्रित ग्राम दारुटोला के ग्रामीण उपस्थित रहे।



