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राशन दुकानों से शक्कर गायब, गरीबों की थाली से मिठास छीनकर जमाखोरों की जेब भर रही है सरकार – दीपक बैज

रायपुर / छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में गरीबों को शक्कर न मिलने और उन्हें बाजार से महंगी दरों पर शक्कर खरीदने के लिए मजबूर किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि साय सरकार गरीबों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। आज प्रदेश की राशन दुकानों से शक्कर गायब है और गरीब जनता बाजार से महंगे दामों में शक्कर खरीदने को मजबूर है। बस्तर सरगुजा में चना गुड़ महीनों से नहीं मिल रहा है। सुशासन का ढोल पीटने वाली भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ के गरीबों के पेट पर लात मारने का काम किया है। कांग्रेस पार्टी यह स्पष्ट मांग करती है कि तत्काल सभी पीडीएस दुकानों में शक्कर की आपूर्ति बहाल की जाए, अन्यथा कांग्रेस सड़क से सदन तक उग्र आंदोलन करेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा सरकार अंत्योदय और प्राथमिकता कार्डधारकों को निर्बाध राशन देने का कागजी दावा करती है, लेकिन हकीकत यह है कि प्रदेश की हजारों राशन दुकानों से शक्कर गायब है। सप्लाई चेन का ठप होना और टेंडर प्रक्रिया में देरी सरकार की अक्षमता और प्रशासनिक नाकामी को दर्शाती है। भाजपा सरकार का ध्यान गरीबों के पेट की चिंता करने के बजाय केवल प्रचार-प्रसार पर है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा सरकार की दुर्भावना के चलते गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को त्यौहारों और रोजमर्रा के राशन के लिए बाजार से 60 -70 रुपए प्रति किलो की दर से महंगी शक्कर खरीदनी पड़ रही है, जिससे उनके बजट पर सीधा डाका पड़ रहा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान पीडीएस व्यवस्था का पारदर्शी संचालन होता था। समय पर राशन दुकानों तक शक्कर, नमक और चावल, चना और गुड़ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती थी। भाजपा सरकार ने गरीबों के हक पर डाका डाला है। पीडीएस दुकानों में शक्कर की अनुपलब्धता भाजपा सरकार की प्रशासनिक नाकामी और जमाखोरों को फायदा पहुंचाने की नीयत को बेनकाब करता है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि गरीब विरोधी भाजपा सरकार ने गरीबों की थाली से मिठास छीनकर उनके चूल्हे को ठंडा करने का पाप किया है। गरीबों को बाजार से महंगी शक्कर खरीदने के लिए मजबूर करके क्या सरकार सीधे तौर पर कालाबाजारी करने वालों को फायदा पहुँचा रही है? जो सरकार गरीबों को राशन दुकानों से समय पर शक्कर नहीं दे सकती, उसे सुशासन की बात करने का क्या नैतिक अधिकार है? क्या राशन दुकानों में आपूर्ति ठप होना प्रशासनिक अक्षमता है या इसके पीछे कोई बड़ा भ्रष्टाचार खेल चल रहा है? मुख्यमंत्री जी स्पष्ट करें कि छत्तीसगढ़ के लाखों प्रभावित परिवारों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

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