
उत्तर बस्तर कांकेर, खरीफ सीजन 2025-26 के लिए जिले में किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए खाद एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जिले में खाद एवं बीज के भंडारण तथा वितरण की स्थिति की समीक्षा के अनुसार वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में कृषि आदान उपलब्ध है।
उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कोमरा ने बताया कि विभाग द्वारा वर्तमान सत्र में किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप भंडारण एवं वितरण की सुदृढ़ व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि जिले के लिए कुल 64560 मेट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें यूरिया 28060 मेट्रिक टन, डीएपी 10500 मेट्रिक टन, एनपीके 11000 मेट्रिक टन, एस.एस.पी. 9000 मेट्रिक टन तथा एमओपी 6000 मेट्रिक टन शामिल हैं। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसके अंतर्गत वर्तमान में यूरिया 15097.197 मेट्रिक टन, डीएपी 3752.625 मेट्रिक टन, एनपीके 8588.41 मेट्रिक टन, एस.एस.पी. 6368.25 मेट्रिक टन तथा एमओपी 3067.27 मेट्रिक टन उपलब्ध है। साथ ही सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को उर्वरकों का सुचारू वितरण किया जा रहा है, जिसके तहत् अब तक यूरिया 6193.635 मेट्रिक टन, डीएपी 1523.75 मेट्रिक टन, एनपीके 2889.67 मेट्रिक टन, एस.एस.पी. 2003.45 मेट्रिक टन तथा एमओपी 1098.15 मेट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। साथ ही विभाग द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की नियमित निगरानी कर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसी प्रकार 12021 क्विंटल धान बीज की मांग के विरूद्ध 7558.20 क्विंटल बीज उपलब्ध है तथा 5379 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है। जिला प्रशासन किसानों को कृषि आदानों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कृषि कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है।



