
उत्तर बस्तर कांकेर
छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले में आत्मसमर्पित माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आत्मसमर्पित महिला माओवादी प्रमिला मण्डावी को स्वरोजगार के लिए एक लाख रुपये का ऋण चेक प्रदान किया।
यह सहायता महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ महिला कोष योजना के तहत दी गई है। इस राशि से प्रमिला मण्डावी अब किराना व्यवसाय शुरू करेंगी।

आत्मसमर्पण के बाद स्वरोजगार की ओर कदम
कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम सरगीकोट निवासी प्रमिला मण्डावी ने राज्य शासन की नक्सल पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया था। अब प्रशासन की मदद से वे सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं।
योजना का उद्देश्य:
- आत्मसमर्पित माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ना
- स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना
- आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाना
- समाज में पुनर्वास सुनिश्चित करना
अन्य हितग्राहियों को भी मिला लाभ
कलेक्टर ने इस दौरान अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए ऋण सहायता प्रदान की।
लाभान्वित हितग्राही:
- अहिमत रावटे
- लोकेश्वरी रसिया
दोनों को स्थानीय व्यंजन विक्रय केंद्र (मिलेट कार्ट) संचालन के लिए एक-एक लाख रुपये का ऋण चेक दिया गया।
महिला कोष योजना से मिल रहा सहारा
छत्तीसगढ़ महिला कोष योजना के तहत:
- महिला स्व-सहायता समूहों को ऋण
- व्यक्तिगत महिलाओं को सक्षम योजना के तहत सहायता
- अधिकतम 2 लाख रुपये तक ऋण
- मात्र 3% वार्षिक साधारण ब्याज दर
इस वर्ष की उपलब्धि:
- 40 महिला स्व-सहायता समूह लाभान्वित
- कुल 60 लाख रुपये का ऋण वितरण
प्रशासन का फोकस: पुनर्वास और आत्मनिर्भरता
जिला प्रशासन द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों के लिए:
- प्रशिक्षण कार्यक्रम
- स्वरोजगार सहायता
- आर्थिक पुनर्वास
- सामाजिक मुख्यधारा में वापसी
जैसी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सकारात्मक बदलाव की मिसाल
यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव और पुनर्वास की मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है। प्रशासन का मानना है कि रोजगार और सम्मानजनक जीवन मिलने से हिंसा छोड़ चुके लोगों को नई दिशा मिलती है।



