

उत्तर बस्तर कांकेर 15 अक्टूबर 2024/ 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2023 के लिए श्रेष्ठ पंचायत श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए नरहरपुर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत मासुलपानी को भारत की राष्ट्रपति सुश्री द्रौपती मुर्मू द्वारा सम्मानित किया जायेगा।

इस संबंध में जिला पंचायत के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल ने बताया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल ने सोमवार 14 अक्टूबर को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की। इसमें
जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग (डीओडब्ल्यूआर, आरडी एंड जीआर) ने 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार, 2023 के लिए संयुक्त विजेताओं सहित 38 विजेताओं की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि इन पुरस्कारों के लिए 09 श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे।
*पुरस्कार वितरण समारोह 22 अक्टूबर को*
सीईओ श्री अग्रवाल ने बताया कि आगामी 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजे प्लेनरी हॉल, विज्ञान भवन, नई दिल्ली में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत की राष्ट्रपति सुश्री द्रौपदी मुर्मू बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित होंगी।
बताया गया कि उक्त पुरस्कार लोगों में पानी के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने और उन्हें पानी के सर्वोत्तम उपयोग के तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के लिए है। यह आयोजन सभी लोगों और संगठनों को जल संसाधन संरक्षण और प्रबंधन गतिविधियों में एक मजबूत साझेदारी और लोगों की भागीदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।
*ग्राम पंचायत मासुलपानी होगी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित*
नरहरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मासुलपानी जिला मुख्यालय से महज 5 किमी की दूरी पर स्थित है। मासुलपानी में 5 राजस्व गांव शामिल हैं और ग्राम पंचायत का कुल क्षेत्रफल 1429 हेक्टेयर है। ग्राम पंचायत का अक्षांश और देशांतर 20°25’50.59″ उत्तर और 81°38’20.85″ पूर्व है। मासुलपानी पंचायत में 90 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति की है।
*जल निकायों का पुनरूद्धार*
मासुलपानी पंचायत ने ग्राम पंचायत में 161 जल शेड संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें 99 फार्म तालाब शामिल हैं जो सुरक्षात्मक सिंचाई प्रदान करके किसानों का समर्थन कर रहे हैं। इसके अलावा, वर्ष 2023 के दौरान पंचायत द्वारा 39 नंबर ब्रशवुड, एक सामुदायिक तालाब डी-सिल्टिंग, 02 खोदे गए कुएं, 02 भूमिगत बांध, 03 गेबियन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इन कार्यान्वयनों के कारण, लोगों ने केवल भूजल पर निर्भर रहने के बजाय, सुरक्षात्मक सिंचाई के माध्यम से सतही जल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। जल संरक्षण और इसके समुचित उपयोग की दिशा में इस नवाचार के लिए जिले की मासुलपानी ग्राम पंचायत देश की राष्ट्रपति के हाथों आगामी 22 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित एवं पुरस्कृत होगी।



