
भाजपा सरकार राज्य की जनता को यह आश्वासन देगी क्या तारा में कोल उत्खनन नहीं होने देंगे? – कांग्रेस
क्या भाजपा सरकार तारा कोल ब्लॉक की पर्यावरण स्वीकृति नहीं देगी?
रायपुर/ तारा कोल ब्लॉक नीलामी के संदर्भ में भाजपा द्वारा यह कहना कि अभी केवल खदान की नीलामी हुई है पर्यावरण स्वीकृति तथा अन्य अनुमति बची है, बचकाना तर्क है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश की जनता को बेवकूफ बनाने वाला तर्क है क्या भाजपा सरकार इस बात की गारंटी लेगी की राज्य सरकार तारा कोल माइंस की पर्यावरण स्वीकृति के लिए सहमति नहीं देगी? क्या राज्य सरकार वहां कोयला उत्खनन नहीं होने देने की गारंटी लगी?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जिस भाजपा सरकार ने स्वयं कोल ब्लॉक नीलामी के लिए केंद्र को पत्र लिखा हो वही आगे की अनुमति नहीं देगी, इस पर विश्वास नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार के कारण ही तारा कोल ब्लॉक की नीलामी भी हुई है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हसदेव अरण्य क्षेत्र के तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए साय सरकार ने कोयला मंत्रालय को पत्र लिखा था। यह पत्र 11 दिसंबर 2025 को साय सरकार ने लिखा था जबकि कांग्रेस की भूपेश सरकार ने 23 जून 2023 को तारा सहित 9 कोल ब्लाको को नीलामी से अलग रखने के लिए पत्र लिखा था। भाजपा बताये कि उनकी सरकार ने तारा कोल ब्लॉक नीलामी के लिए अनुशंसा क्यों किया था?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ने कहा कि तारा कोल ब्लाक लगभग 5000 एकड़ क्षेत्र में फैला है, जिसमें से 4000 एकड़ से अधिक घना जंगल है। इसके लिए 10 लाख से अधिक पेड़ों को पूरी तरह काट दिया जाएगा। लेमरू एलीफेंट रिजर्व के चारों ओर खनन होगी, जिससे भारत के राष्ट्रीय धरोहर पशु हाथी के आवाजाही के रास्ते पर गंभीर असर पड़ेगा, जबकि हाथियों की संख्या में कमी का संकट पहले से ही बना हुआ है। कई अन्य प्रजातियां भी इससे और अधिक खतरे में पड़ जाएंगी।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय 26 जुलाई 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर मांग की थी कि हसदेव-अरण्य में अब किसी भी कोल ब्लॉक का आवंटन या नीलामी न की जाए। 16 जुलाई 2023 को कांग्रेस की भूपेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट रूप से कहा था कि हसदेव-अरण्य में किसी भी नई खदान के आवंटन या विकास की कोई आवश्यकता नहीं है। 19 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा सहित 40 कोल ब्लॉक्स को नीलामी प्रक्रिया से वास्तव में डीनोटिफाई कर दिया था। फिर उसके बाद राज्य में सरकार बदलने के बाद फिर से नीलामी कर दिया गया। भाजपा छत्तीसगढ़ की जनता के लिए नहीं अडानी के लिए सरकार चला रही है।



