Featureछत्तीसगढ़

भाजपा का ओबीसी संपर्क अभियान केवल राजनैतिक ढकोसला है – कांग्रेस

डबल इंजन सरकार, ओबीसी हक और अधिकार को कुचलने वाली बुलडोजर बन गई है

रायपुर/ भारतीय जनता पार्टी के ओबीसी संपर्क अभियान और पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रबुद्धजन सम्मेलन को राजनैतिक पाखंड और ढकोसला बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की बहुसंख्यक आबादी अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ भाजपा की सरकार अन्याय कर रही है। ओबीसी के लिए सर्वसम्मति से पारित 27 प्रतिशत आरक्षण के अधिकार को राजभवन में बाधित करके उनके शिक्षा और रोजगार के अधिकारों को कुचलने का काम कर रही है। भाजपा की डबल इंजन सरकार में आज छत्तीसगढ़ का हर पिछड़ा वर्ग का युवा, किसान और मजदूर अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। भाजपा ने चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आते ही 50 प्रतिशत आबादी वाले ओबीसी समाज के पेट पर लात मारने का काम किया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने विधानसभा से 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का बिल 2022 में विशेष सत्र बुलाकर सर्व सम्मति से पास कराया था, उसे भाजपा ने राजभवन में अटका कर रखा। आज जब डबल इंजन की सरकार है, तब भी ओबीसी समाज को उनका हक क्यों नहीं दिया जा रहा? यह सरकार पूरी तरह से ओबीसी विरोधी है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा ने चुनाव में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने और सामाजिक न्याय का बड़ा दावा किया था, लेकिन सत्ता में आते ही क्वांटिफायबल डेटा आयोग (Quantifiable Data Commission) की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। प्रशासनिक पदों और शासकीय भर्तियों में ओबीसी वर्ग को उनका संवैधानिक हक नहीं मिल रहा है। राज्य में ओबीसी कल्याण बोर्ड और संबंधित योजनाओं के बजट में दुर्भावनापूर्वक अघोषित कटौती की गई है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों के बंद होने और व्यापमध्पीएससी की भर्तियों में पारदर्शी आरक्षण नीति न होने से सबसे ज्यादा नुकसान ओबीसी वर्ग के युवाओं को हो रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और छोटे व्यवसाय जो मुख्यतः ओबीसी समाज से जुड़े हैं इस पर भी पर सरकारी नीतियों की मार पड़ रही है। क्रीमी लेयर की सीमा और प्रमाण पत्र बनाने में प्रशासनिक जटिलता के कारण युवाओं को छात्रवृत्ति और नौकरियों से वंचित किया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि कांग्रेस की सरकार ने स्थानीय तीज-त्योहारों हरेली, तीजा-पोरा को मान देकर छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान जगाया था, ओबीसी-छत्तीसगढ़िया अस्मिता को स्थापित किया था। भाजपा की सरकार बिहार दिवस और नुआखाई तो मनाती है पर पोरा तिहार और विश्व आदिवासी दिवस से इनको हिकारत है। आज जब केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की डबल इंजन सरकार है, तो नौवीं अनुसूची (9जी Schedule) में डालकर 32 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति, 13 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 27 प्रतिशत ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण लागू करने से कौन रोक रहा है?

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि व्यापम और राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) की नई भर्तियों में ओबीसी वर्ग के रोस्टर और बैकलॉग पदों को क्यों छिपाया जा रहा है? ओबीसी वर्ग के छात्रों की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के बजट में कटौती किसके इशारे पर की गई है? क्या साय सरकार यह स्वीकार करती है कि आरक्षण विरोधी हिडन एजेंडे को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ के 50 प्रतिशत ओबीसी आबादी के संवैधानिक अधिकारों की बलि दी जा रही है? वोट लेंगे ओबीसी का, और हक देंगे अपने खास पूंजीपतियों को? 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का बिल पास है, लागू करने में हिल हवाला क्यों? कब तक राज भवन में कैद रखा जायेगा?

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