
बाल दिव्यांग प्रमाणीकरण अभियान के दूसरे दिन गुरूर विकासखण्ड के 413 दिव्यांगजनों का हुआ पंजीयन
कलेक्टर ने दिव्यांगजनों को किया सहायक उपकरण का वितरण

क्लिनिकल साइकोलाॅजिस्ट की उपस्थिति में अब लर्निंग डिसेबिलिटी बच्चों का होगा प्रमाणीकरण
बालोद, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा आज समाज कल्याण विभाग कार्यालय परिसर में दिव्यांग प्रमाणीकरण अभियान 2026 अंतर्गत ’हर पात्र बच्चे तक प्रमाण-पत्र और अधिकार’ कार्यक्रम के तहत आयोजित शिविर का निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने शिविर में पहुँचे दिव्यांग बच्चों एवं उनके परिजनों से भेंट कर शिविर में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने वहाँ उपस्थित अधिकारियों से कहा कि सभी आगन्तुक दिव्यांगजनों को किसी भी प्रकार की असुविधा नही होनी चाहिए। उन्होंने शिविर में पहुँचे दिव्यांगजनों, जिन्हें माइनर सर्जरी की आवश्यकता है उन्हें चिन्हांकित कर सर्जरी हेतु आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को दिए। कलेक्टर ने शिविर में लर्निंग डिसेबिलिटी बच्चों के प्रमाणीकरण हेतु क्लिनिकल साइकोलाॅजिस्ट को भी शिविर में उपस्थित रहकर प्रमाणीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वहाँ कृत्रिम अंग की आवश्यकता वाले दिव्यांगजनों का नाप लेने तथा 15 दिवस के भीतर उन्हें कृत्रिम अंग प्रदान करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने दो दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी प्रदान किया।

अभियान के दूसरे दिन आज आयोजित शिविर में गुरूर विकासखण्ड के दिव्यांगजन शामिल हुए। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम ने बताया कि शिविर में कुल 413 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया, जिसमें से 35 दिव्यांगजनों को नवीन दिव्यांग प्रमाण-पत्र एवं 08 दिव्यांगजनों के दिव्यांग प्रमाण-पत्र का नवीनीकरण कर शिविर स्थल पर ही तत्काल वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि शिविर में कुल 28 दिव्यांगजनों का यूनिक आईडी कार्ड, 38 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, 13 दिव्यांगजनों का छात्रवृत्ति, 27 दिव्यांगजनों का फिजियोथैरेपी तथा 86 दिव्यांगजनों को विशेष शिक्षा से लाभान्वित किया गया। साथ ही 09 दिव्यांगजनों का कृत्रिम पैर हेतु पंजीयन कर नाप लिया गया। इसके अतिरिक्त 04 छात्राओं को सिकलसेल दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी किया गया तथा 10 छात्र-छात्राओं का सिकलसेल जांच हेतु ब्लड सैम्पल लिया गया। शिविर में 21 छात्र-छात्राएं स्पेसिफिक लर्निंग दिव्यांगता से ग्रसित पाए गए, जिनकी रिपोर्ट परीक्षण हेतु जिला अस्पताल बालोद एवं सीआरसी सेन्टर राजनांदगांव भेजा जा रहा है, रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत इन्हें भी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
शिविर के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित घरौंदा आश्रय गृह में निवासरत कुल 40 दिव्यांगजनों को विशेष शिक्षा से संबंधित जानकारी दी गई। शिविर में पहुंचे सभी 413 दिव्यांग बच्चों व उनके परिजनों को विभाग द्वारा संचालित पेंशन, उपकरण एवं छात्रवृत्ति फार्म उपलब्ध कराए गए तथा जिला निःशक्त पुनर्वास केन्द्र (डीडीआरसी), घरौंदा आश्रय गृह एवं स्वावलंबन केन्द्र की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। शिविर में उपस्थित दिव्यांगजनों एवं उनके सहायकों के लिए स्वअल्पाहार, पेयजल, भोजन तथा उनके निवास स्थल से शिविर तक लाने-ले जाने हेतु बस की समुचित व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग, डीडीआरसी, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, जनपद पंचायत गुरूर के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम ने बताया कि कल 09 सितंबर को शिविर में गुण्डरदेही विकासखण्ड के दिव्यांगजन शामिल होंगे।



