
उत्तर बस्तर कांकेर ,कांकेर जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार ‘कांकेयर’ ब्रांड तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। यह ब्रांड जिले की हजारों महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और गुणवत्तापूर्ण प्राकृतिक उत्पादों का प्रतीक बन चुका है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी ने बताया कि ‘कांकेयर’ ब्रांड के तहत सरसों तेल, अरहर दाल, छिंद गुड़, शहद, रागी, कोदो, मक्का, आम का अचार सहित विभिन्न जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। दण्डकारण्य क्षेत्र की प्राकृतिक परिस्थितियों में उगाए गए ये उत्पाद पूरी तरह शुद्ध, प्राकृतिक और उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं। यह उत्पाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा पारंपरिक एवं जैविक पद्धति से तैयार किया जाता है, जिसमें रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं होता है। एफएसएसएआई (FSSAI) से पंजीकृत होने के कारण उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाता है।
वर्तमान में ‘कांकेयर’ उत्पाद सी-मार्ट के माध्यम से स्थानीय बाजारों और कांकेश्वरी एफपीसी के जरिए इनका वितरण और बिक्री सुनिश्चित की जा रही है। थोक खरीदने हेतु जिला पंचायत परिसर में स्थापित पैकेजिंग इकाई से खरीदा जा सकता है। अब ग्राहक इन्हें ऑनलाइन भी https://kancare.shop/ वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे ऑर्डर कर सकते हैं और घर बैठे शुद्ध एवं प्राकृतिक उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं। जिला पंचायत के अनुसार अब तक कांकेयर’ ब्रांड के तहत अरहर दाल 92 किलोग्राम, शहद 5.5 किलोग्राम, छिंद गुड़ 05 किलोग्राम, रागी आटा 09 किलोग्राम तथा मक्का आटा 06 किलोग्राम की बिक्री हो चुकी है। ‘कांकेयर’ ब्रांड आज केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि कांकेर जिले की ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और गुणवत्तापूर्ण जैविक उत्पादन की नई पहचान बनकर उभर रहा है।



