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खरौद में महिलाओं का हल्लाबोल: पानी, पट्टा और शौचालय को लेकर नगर पंचायत का घेराव, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

जांजगीर : खरौद नगर पंचायत खरौद की विभिन्न मूलभूत समस्याओं को लेकर गुरूवार को बड़ी संख्या में महिलाओं एवं नगरवासियों ने नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही। उन्होंने नगर में वर्षों से लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा ज्ञापन में सबसे पहले बरसात से पहले नगर के विभिन्न वार्डों में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की गई। नागरिकों ने बताया कि हर वर्ष बारिश के दौरान कई वार्डों में पानी भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो जाता है। घरों में पानी घुसने, गंदगी फैलने और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बारिश शुरू होने से पहले नालियों की सफाई, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और आवश्यक निर्माण कार्य कराए जाएं दूसरी प्रमुख मांग नगर में व्याप्त पेयजल संकट को लेकर रखी गई। ज्ञापन में कहा गया कि कई वार्डों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि “जल ही जीवन है”, इसलिए जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक नगर पंचायत प्रभावित वार्डों में नियमित रूप से पानी के टैंकर भेजकर लोगों को राहत उपलब्ध कराए आवास योजना को लेकर भी नगरवासियों ने नाराजगी जताई। उन्होंने मांग की कि समग्र नगर आवास योजना के चयनित एवं रिजेक्ट आवेदकों की सूची की छायाप्रति सार्वजनिक की जाए, ताकि जिन लोगों के आवेदन किसी कमी के कारण निरस्त हुए हैं, वे आवश्यक दस्तावेज और जानकारी पूरी कर दोबारा आवेदन कर सकें। इससे पात्र हितग्राहियों को शासन की आवास योजना का लाभ मिल सकेगा ज्ञापन में वर्षों से लंबित पट्टा वितरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नागरिकों का कहना था कि नगर के कई परिवार 25 से 30 वर्षों से एक ही स्थान पर निवास कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें भूमि का पट्टा जारी नहीं किया गया। पट्टा नहीं होने के कारण वे प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की कई अन्य योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से भी कई पात्र लोगों को अब तक पट्टा नहीं मिल पाया है प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने नगर को ओडीएफ घोषित किए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि नगर के कई घरों में आज भी शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है। ऐसे परिवारों की महिलाओं को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, जिससे उन्हें असुविधा के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। उन्होंने सभी पात्र परिवारों को शीघ्र शौचालय निर्माण का लाभ देने की मांग की ज्ञापन सौंपने के दौरान महिलाओं ने कहा कि नगर की ये समस्याएं नई नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से बनी हुई हैं। कई बार जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने प्रशासन से जनहित को प्राथमिकता देते हुए सभी मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं नगरवासी उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी दिनों में जनआंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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