
रायपुर/ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, औद्योगिक निवेश और डिजिटल प्रशासन के सरकारी दावें पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि वर्तमान भाजपा सरकार का कार्यकाल आधे से ज्यादा निकल चुका है, 2028 में छत्तीसगढ़ में विधानसभा का अगला चुनाव होना है लेकिन फर्जी दावे अब भी अगले 5 साल और 2047 तक के किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर आईटी (IT) कंपनियों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) की कमी है। नवा रायपुर में भारत का पहला एआई (AI) डेटा सेंटर पार्क और नए आईटी हब का केवल कागज़ी दावा होता रहा हैं, धरातल पर ज़ीरो बटा सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पायी है। छत्तीसगढ़ की तुलना में पड़ोसी राज्यों में बड़े आईटी पार्क और एसईजेड (SEZ) तेजी से स्थापित और विकसित हो रहे हैं, यह इस सरकार की अक्षमता का प्रमाण है। तकनीकी शिक्षा और स्थानीय स्तर पर बड़े रोजगार अवसरों के सीमित होने के कारण अब भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को महानगरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। राजधानी रायपुर और दुर्ग-भिलाई को छोड़कर बस्तर और सरगुजा जैसे अंदरूनी क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क का विस्तार बेहद धीमी है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के सुधार और नए कदम उठाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। नवा रायपुर में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से 13.5 एकड़ में एआई डेटा सेंटर पार्क के निर्माण की योजना जो पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार की थी, भाजपा सरकार ने उसे रोक दिया है, अब यह दावा किया जा रहा है कि आने वाले 5 वर्षों में 500 करोड़ से ए आई मिशन चलाएंगे?भारतनेट फेज-3 और डिजिटल भारत निधि के तहत ग्रामीण ग्राम पंचायतों और दूरदराज के क्षेत्रों में ऑप्टिकल फाइबर व मोबाइल टावर लगाने का काम भी कछुआ चाल से चल रहा है। राज्य सरकार की नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और तकनीकी शिक्षा के लिए इन्क्यूबेटर तथा फंड तैयार करने की योजना का लाभ स्थानीय युवाओं को नहीं मिल पा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि BEML के नए निवेश का दावा भ्रामक है, पिछले ढाई साल में फूटी-कौड़ी नहीं आया, उल्टे मौजूदा उद्योग बंद हो रहे हैं। इससे पहले सितंबर 2025 में वेलनेश, हेल्थ केयर और पर्यटन के क्षेत्र में 7 लाख करोड़ के नए निवेश और नवंबर 2025 में गुजरात से 33000 करोड़ निवेश प्रस्ताव का झूठा दावा किया गया था, हैदराबाद में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट में 9580 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के दावे किए गए, चवन्नी नहीं आया है। भाजपा सरकार को प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है, सरकार के मुखिया और मंत्री निवेश लाने की बात करते हैं, लेकिन निवेशकों का भरोसा जीत क्यों नहीं पा रहे हैं? अमेरिका, जापान और कोरिया से सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक आइटम आईटी, एआई, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल एवं खाद्य प्रसंस्करण में नई निवेश होने का दावा किया था। लेकिन अब तक कोई भी विदेश के निवेशक छत्तीसगढ़ क्यों नहीं आए? बस्तर में इन्वेस्टर कनक्वे 967 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव आया था कितने निवेशक आए? नए निवेशक कौन है? काम शुरू किसने किया है? भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि छत्तीसगढ़ में जून 2025 तक 18940 पंजीकृत कम्पनियां संचालित थी, जिसमें से 4288 कम्पनियां बंद क्यों हो गई? यहां पूर्व में संचालित स्पंज आयरन, रोलिंग मिलें, राइस मिल, सहकारी शक्कर कारखाने, एथेनॉल प्लांट सरकार की उपेक्षा और उद्योग विरोधी नीतियों के चलते बंद हो गए हैं।



