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दंतेवाड़ा पुलिस ने 10 राज्यों में साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार!

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में राजस्थान से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो देश के 10 से अधिक राज्यों में साइबर ठगी की वारदातों में शामिल थे। पुलिस के अनुसार यह गिरोह व्हाट्सएप के जरिए बैंक खातों की अवैध खरीद-फरोख्त करता था और ठगी की रकम को विदेशों से निकालने के लिए संगठित नेटवर्क चला रहा था।

दंतेवाड़ा पुलिस, साइबर सेल, थाना बारसूर, बचेली और गीदम की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस टीम 1 अप्रैल 2026 को राजस्थान रवाना हुई थी, जहां नागौर और जयपुर क्षेत्र से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में अर्चित गुजराती (20), आदिल हुसैन (24), अमित वर्मा (21) और भूपेंद्र जांगीड (23) शामिल हैं। सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दंतेवाड़ा लाया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और 1.18 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बैंक खातों की थोक में खरीद-बिक्री करता था और इन खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।

जांच के अनुसार आरोपी अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का उपयोग कर व्हाट्सएप अकाउंट बनाते थे और इसके माध्यम से नेटवर्क संचालित करते थे। ठगी की रकम पहले इन खातों में जमा की जाती थी और फिर हाई लिमिट वाले डेबिट कार्ड के जरिए विदेशों के एटीएम से नकद निकासी की जाती थी। इस तरह यह गिरोह भारत से बाहर भी अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर पैसे को सुरक्षित तरीके से निकाल लेता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था, जिनमें छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक शामिल हैं। इन आरोपियों के खिलाफ 20 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक संगठित और बड़ा साइबर अपराध नेटवर्क था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले का खुलासा साइबर फॉरेंसिक जांच और वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण के आधार पर हुआ। तकनीकी जांच के दौरान आरोपियों के नेटवर्क और उनके संचालन के तरीके का पता लगाया गया, जिसके बाद टीम को राजस्थान भेजा गया और सफलतापूर्वक गिरफ्तारी की गई। दंतेवाड़ा पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और ऐसे संगठित गिरोह तकनीकी माध्यमों का दुरुपयोग कर आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

इसके साथ ही पुलिस ने साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने और नजदीकी थाने में सूचना देने की अपील की है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और नुकसान को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी की जा रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। यह कार्रवाई दंतेवाड़ा पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इस गिरोह का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ था और यह लगातार साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।

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