
रायपुर/ अडानी समूह के विज्ञापनों में किए जा रहे दावों और उस पर सरकार की मौन सहमति पर कड़ा प्रहार करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि कहा कि अडानी के विज्ञापन सीधे तौर पर राज्य की भारतीय जनता पार्टी की सरकार और उसके सुशासन के दावों पर करारा तमाचा हैं। यह कथन की जहां एबीसीडी नहीं जानते थे वो अब आईआईटी की तैयारी कर रहे हैं? विज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि अंचल में पहले एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती थी और अब अडानी यह सुविधा दे रहा है। क्या प्रदेश की ‘108 एम्बुलेंस सेवा’ बंद हो गई है? विगत पौने तीन साल में संसाधनों की लूट, आदिवासियों की बेदखली और जंगलों की कटाई के अलावा किया क्या है? शायद भाजपा की सरकार ने अडानी की अधीनता स्वीकार कर लिया है, कॉर्पोरेट की गुलाम बन चुकी है तभी इतना दुस्साहस किया जा सकता है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि निजी कॉर्पोरेट के विज्ञापनों में सरकार को लाचार और पिछड़ा दिखाने पर मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं की चुप्पी सवाल के घेरे में है। एक कॉर्पोरेट लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती दे रहा है और पूरी की पूरी सरकार गूंगी, बहरी, असहाय हो गई है, यह सीधे तौर पर जनता के शासन का अपमान है, चुनी हुई सरकार ही नहीं लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रदेश की जनता का अपमान है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जब एक निजी कॉर्पोरेट घराना खुद को सरकार से बड़ा मसीहा बनाकर पेश करता है और सरकारी तंत्र की लाचारी का विज्ञापन छापता है, तो यह स्पष्ट रूप से भाजपा सरकार की प्रशासनिक इच्छाशक्ति और संप्रभुता को चुनौती देता है। जब शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं देने का काम अडानी समूह को ही करना है, तो राज्य सरकार जनता के टैक्स का अरबों रुपया किस बात के लिए खर्च कर रही है? सरकारी खजाने का पैसा कहां जा रहा है? भाजपा सरकार ने बहुमूल्य संसाधनों और जल-जंगल-जमीन की बलि देकर हसदेव को अडानी के हवाले किया और अब वही अडानी सरकार को निकम्मा साबित करने वाले विज्ञापन जारी कर रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने मुख्यमंत्री से स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए पूछा है कि क्या मुख्यमंत्री में यह साहस है कि वे सरकारी व्यवस्था को अपमानित करने वाले इन विज्ञापनों का खंडन करें? या फिर भाजपा सरकार स्वीकार कर चुकी है कि छत्तीसगढ़ का शासन महानदी या इंद्रावती भवन से नहीं, बल्कि अडानी के कॉरपोरेट दफ्तर से चल रहा है? यह कृत्य सीधे तौर पर संवैधानिक ढांचे को चुनौती, कांग्रेस पार्टी हसदेव के आदिवासियों, वहां की प्राकृतिक संपदा और राज्य के स्वाभिमान से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।



