Featureछत्तीसगढ़

संवेदनशील पहल से लौट रही जिंदगी की मुस्कान

अपराजिता महिला सहायता केंद्र बना मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं निराश्रित महिलाओं के पुनर्वास का सशक्त मॉडल

रायपुर, समाज कल्याण विभाग, रायपुर द्वारा संचालित अपराजिता महिला सहायता केंद्र आज उन महिलाओं के लिए नई उम्मीद का केंद्र बन गया है, जो मानसिक अस्वस्थता, निराश्रयता और सामाजिक उपेक्षा जैसी कठिन परिस्थितियों से गुजर रही थीं। यह केंद्र केवल आश्रय ही नहीं, बल्कि उपचार, आत्मविश्वास और सम्मानजनक पुनर्वास का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है।

संवेदनशील पहल से लौट रही जिंदगी की मुस्कान

जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के बीच केंद्र ने 35 महिलाओं का सफल पुनर्वास कर उन्हें उनके परिवारों से पुनः मिलाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। जिन महिलाओं का पारिवारिक पुनर्वास तत्काल संभव नहीं हो पाया, उन्हें नियमानुसार नारी निकेतन, रायपुर में सुरक्षित रूप से पुनर्वासित किया गया।

केंद्र में महिलाओं को सुरक्षित आवास, विशेषज्ञ चिकित्सकीय उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श, योग एवं प्राणायाम, कौशल विकास प्रशिक्षण तथा आत्मनिर्भरता से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाते हैं। इन प्रयासों से महिलाएं न केवल मानसिक रूप से स्वस्थ हो रही हैं, बल्कि आत्मसम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में पुनः जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

अपराजिता महिला सहायता केंद्र की कार्यप्रणाली यह दर्शाती है कि समय पर उपचार, संवेदनशील देखभाल और प्रभावी पुनर्वास किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन ला सकता है। यह केंद्र राज्य में महिला संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक पुनर्वास के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है।

समाज कल्याण विभाग की यह पहल उन महिलाओं के जीवन में नई रोशनी लेकर आई है, जिनके लिए कभी भविष्य अनिश्चित दिखाई देता था। आज वे महिलाएं फिर से सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर जीवन की ओर कदम बढ़ा रही हैं, जो राज्य सरकार की संवेदनशील एवं मानवीय सोच का सशक्त उदाहरण है।

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