

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन में कबीरधाम ने रचा कीर्तिमान, प्रदेश में पहले स्थान पर

रायपुर,/ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिले के आठ स्वास्थ्य संस्थानों को कवर्धा में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणन केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों की बेहतर कार्यप्रणाली और मरीजों के प्रति संवेदनशील सेवाओं का प्रमाण है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पलानसरी, मिनमिनिया, गोछिया, वीरेंद्रनगर, गौरमाटी, धरमगढ़, गेंदपुर एवं रंजीतपुर को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र प्रदान किए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, डॉ. वीरेन्द्र साहू, श्री नितेश अग्रवाल, पूर्व विधायक श्री सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्री लोकचंद साहू, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
कबीरधाम जिले की 60 शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र प्राप्त कर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह प्रमाणपत्र स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध उत्कृष्ट गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाओं एवं रोगी-केंद्रित देखभाल का प्रमाण है। यह उन संस्थानों को प्रदान किया जाता है, जो सेवा प्रावधान, रोगी अधिकार, समर्थन सेवाएं, नैदानिक सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण तथा गुणवत्ता प्रबंधन जैसे कठोर मानकों पर खरे उतरते हैं।
राज्य में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणीकरण में कबीरधाम जिला प्रथम
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार व्यापक तैयारी करनी होती है। इसके बाद जिला एवं राज्य स्तरीय टीम संस्था का निरीक्षण कर दस्तावेजों का परीक्षण, साक्षात्कार, साफ-सफाई, आवश्यक दवाइयों एवं जांच किट की उपलब्धता, भवन की स्थिति, जल एवं विद्युत आपूर्ति तथा मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन करती है। प्रत्येक मानक में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने के बाद ही संस्था राष्ट्रीय स्तर के प्रमाणीकरण हेतु सक्षम पोर्टल पर आवेदन करती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य शासन द्वारा जिले के 73 स्वास्थ्य संस्थानों को प्रमाणीकरण हेतु तैयार करने का लक्ष्य दिया गया था। इसके विरुद्ध कबीरधाम जिले ने 91 शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों (125 प्रतिशत) में गुणवत्ता सुधार का कार्य प्रारंभ कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इन 91 स्वास्थ्य संस्थानों में से 60 संस्थानों का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणीकरण पूर्ण हो चुका है, जबकि 12 संस्थानों के परिणाम लंबित हैं तथा 19 संस्थानों में तैयारी जारी है। इनमें जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया, एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 52 उप स्वास्थ्य केंद्रों का प्रमाणीकरण पूर्ण हो चुका है।
प्रमाणित संस्थाओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक से प्रमाणित होने के बाद उप स्वास्थ्य केंद्रों को 2.16 लाख रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 3 लाख रुपये, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला चिकित्सालय को प्रति बेड 10 हजार रुपये की दर से प्रतिवर्ष तीन वर्षों तक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है।



