
कोण्डागांव, जिले के ग्राम उमरगांव के किसान श्री लक्ष्मी सोढ़ी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए शासन की योजनाओं का लाभ उठाते हुए खेती में बेहतर उत्पादन और आय अर्जित कर रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने वैज्ञानिक खेती और नैनो उर्वरकों के उपयोग से यह साबित कर दिया है कि नई तकनीकें किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
श्री लक्ष्मी सोढ़ी के पास कुल चार एकड़ कृषि भूमि है। इनमें से दो एकड़ भूमि में वे धान की खेती करते हैं, जबकि शेष दो एकड़ टिकरा भूमि में मक्का एवं अन्य फसलें लगाते हैं। उन्होंने बताया कि पहले वे पारंपरिक पद्धति से खेती करते थे, जिससे उत्पादन अपेक्षाकृत कम होता था और लागत के अनुपात में पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता था। समय के साथ कृषि विभाग के मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिलने पर उन्होंने खेती के तौर-तरीकों में बदलाव किया।

लक्ष्मी सोढ़ी ने अपनी फसलों में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग शुरू किया। उनका कहना है कि नैनो उर्वरकों के प्रयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है तथा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। कम मात्रा में उपयोग होने के बावजूद यह फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराता है, जिससे खेती की लागत में कमी आती है और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ भी उन्हें नियमित रूप से प्राप्त हो रहा है। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से कृषि कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में मदद मिलती है तथा खेती की लागत का कुछ भार कम होता है।
श्री लक्ष्मी सोढ़ी का मानना है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों, उन्नत कृषि पद्धतियों और वैज्ञानिक सलाह को अपनाएं तो सीमित भूमि में भी बेहतर उत्पादन और आय प्राप्त की जा सकती है।



