
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भोपालपटनम थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई में पुलिस ने 171 मवेशियों को जब्त करते हुए 9 कथित पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराए गए गाय, बैल और बछड़ों को नगर पंचायत के गौठान में सुरक्षित रखा गया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और अंतर्राज्यीय पशु तस्करी नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि उल्लूर घाटी-चिल्लामरका के जंगल मार्ग से बड़ी संख्या में मवेशियों को तेलंगाना ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए भोपालपटनम पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। कुछ ही देर में पुलिस ने पशुओं को ले जा रहे नौ लोगों को पकड़ लिया।

जंगल के रास्ते चल रहा था अवैध परिवहन
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मवेशियों को मुख्य मार्गों से बचते हुए जंगल के रास्ते राज्य की सीमा पार ले जाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी पशुओं को अपने कब्जे में लिया और आरोपियों से आवश्यक दस्तावेज मांगे।
हालांकि, पूछताछ के दौरान आरोपी पशुओं के स्वामित्व या परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
तीन राज्यों के आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार:
- तेलंगाना के 3 आरोपी
- महाराष्ट्र के 5 आरोपी
- बीजापुर जिले का 1 आरोपी
गिरफ्तार किया गया है। इससे यह मामला एक अंतर्राज्यीय पशु तस्करी गिरोह से जुड़ा होने की आशंका को बल मिलता है।
गौठान में रखे गए 171 मवेशी
बरामद किए गए 171 मवेशियों में गाय, बैल और बछड़े शामिल हैं। सभी पशुओं को नगर पंचायत के गौठान में सुरक्षित रखा गया है। प्रशासन द्वारा उनके चारे और स्वास्थ्य की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि:
- मवेशियों को कहां से लाया गया था?
- इन्हें तेलंगाना में कहां पहुंचाया जाना था?
- इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं?
- क्या इससे पहले भी इसी तरह की तस्करी की घटनाएं हुई हैं?
अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
इन कानूनों के तहत दर्ज हुआ मामला
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ:
- छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2011
- पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960
की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
न्यायालय में पेश किए गए आरोपी
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास जारी है।
बीजापुर में हुई यह कार्रवाई पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है। 171 मवेशियों की बरामदगी और 9 आरोपियों की गिरफ्तारी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय अवैध गिरोहों पर बड़ा प्रहार किया है।



