
रायपुर। भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार, 16 जून को एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि अब कफ सीरप खरीदने के लिए डॉक्टर का पर्चा होना जरूरी होगा. सीरप वाली सभी दवाइयों पर यह नियम लागू होगा. सरकार ने एक संशोधन के जरिए ड्रग रूल्स, 1945 के ‘शेड्यूल के’ से सीरप शब्द हटा दिया है, जिसके बाद यह बदलाव लागू हुआ है.
नए नियमों के तहत, ग्रामीण इलाकों में अब पंजीकृत फार्मेसियों पर ही कफ सीरप बेची जा सकेंगी. इससे पहले तक 1,000 से कम लोगों की आबादी वाले गांवों में, जहां कोई पंजीकृत फार्मेसी मौजूद नहीं होती थी, वहां दुकानदारों को कफ सीरप जैसे मेडिकल उत्पादों को बेचने का सीमित लाइसेंस जारी किया जाता था.

स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस कदम से कफ सीरपों के जिम्मेदार वितरण और बिक्री को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इन कदमों के जरिए भारत सरकार, कफ सीरपों की बिक्री पर अपनी निगरानी बढ़ा रही है. बीते साल अक्टूबर में मिलावट वाली कफ सीरप के चलते कई बच्चों की मौत होने के बाद सरकार ने इस मामले में सख्ती बढ़ाई है.



