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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर लेख’ : महतारी वंदन योजना का मिला 25वीं किस्त

अब तक जिले की महिलाओं के खातों में हुए 65 करोड़ 39 लाख 48 हजार 250 रूपये अंतरित

महतारी वंदन योजना से भुनेश्वरी के जीवन में आई खुशहाली

घर की छोटी छोटी जरूरतें हो रही है समय पर पूरी

नारायणपुर, राज्य में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना लागू की है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं के प्रति समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानता को दूर करते हुए, उनके स्वास्थ्य में सुधार और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत, पात्र विवाहित, विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

भुनेश्वरी के जीवन में आई आर्थिक स्वतंत्रता

नारायणपुर जिले के ग्राम बेनूर की रहने वाली श्रीमती भुनेश्वरी बघेल, जो एक गृहणी हैं और घर में किराना दुकान चलाती हैं, इस योजना की लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि पहले बच्चों की शिक्षा और घर का खर्च चलाना उनके लिए कठिन था, लेकिन महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। भुनेश्वरी कहती हैं, हर महीने 1 तारीख को मेरे खाते में 1,000 रुपये जमा होते हैं, जिसका उपयोग मैं बच्चों की शिक्षा, कॉपी-किताबें और स्कूल की ड्रेस के साथ-साथ घर के आवश्यक सामानों और दुकान के लिए सामग्री खरीदने में करती हूँ। इसके साथ ही मैं ने अपनी बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या योजना में खाता खुलवाकर नियमित राशि जमा करती हूं। महतारी वंदन योजना ने मेरे आर्थिक संघर्षों को कम किया और मेरे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आशा है कि भविष्य में भी ऐसी लाभकारी योजनाएं आती रहेंगी।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा योगदान

महतारी वंदन योजना के तहत् प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रहीं हैं और वहीं जिले में हर महीने 27 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में 2 करोड़ 50 लाख 52 हजार रुपये से अधिक की राशि स्थानांतरित की जा रही है। अ अब तक जिले की महिलाओं के खातों में 65 करोड़ 39 लाख 48 हजार 250 रूपये अंतरित किया जा चुका है। इस योजना ने पूरे छत्तीसगढ़ में उन महिलाओं के जीवन में सुधार किया है, जो पहले सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रही थीं।

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