

महासमुंद / महासमुंद के ग्राम पंचायत बेलसोंडा की पूर्व सरपंच के खेत मे हुई अतिक्रमण हटाने की अवैधानिक कार्यवाई के सम्बन्ध में कलेक्टर महासमुंद ने तुरंत संज्ञान लेते हुए आज राजस्व टीम क़ो पुराने अभिलेख के साथ नापजोक करने मौकाजाँच पर भेजा जिस पर आदेश के परिपालन में राजस्व निरीक्षक मनीष श्रीवास्तव पुराने अभिलेख से मिलान करते ही नक़्शे एवं बी वन के आधार पर बता दिया कि कार्यवाई अवैधानिक हुई है l पोखन चंद्राकर के बताये अनुसार राजस्व निरीक्षक के साथ हल्का पटवारी राजकुमार पवार तथा कोतवाल नरेश चौहान ने मौका जाँच मे पाया कि शासकीय भूमि खसरा नंबर 1661 जो कि मात्र 15 डिसमिल है का साबिक नंबर 398 है तथा कृषक पोखन चंद्राकर की भूमि का साबिक नंबर 401 है तथा भू अभिलेख शाखा की सत्यापित प्रति के अनुसार दोनो खसरा मे जमीन आसमान का अंतर है l अतिक्रमण हटाने की कार्यवाई खसरा नंबर 398 (1661) मे होनी चाहिए थी लेकिन पंचायत की लापरवाही के कारण कृषक की जमीन क़ो बर्बाद कर दिया गया है l

राजस्व निरीक्षक ने अभी तक पंचनामा मे नही किया है हस्ताक्षर
राजस्व निरीक्षक मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस कार्यवाई मे राजस्व विभाग का कोई आदेश नही था इसलिए हमने पंचनामा मे हस्ताक्षर नही किया है I चंद्राकर ने ज़ब इस लापरवाही की क्षतिपूर्ति के बारे मे पूछा तो राजस्व निरीक्षक ने बताया कि पंचायत ही जिम्मेदार है क्षतिपूर्ति पंचायत देगी I श्री चंद्राकर ने बताया कि दिनांक 20 फ़रवरी क़ो उच्च न्यायालय से स्थगन आने के बाद भी पंचायत द्वारा माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना करते हुए दीवाल निर्माण कार्य जारी रखा गया I
नायब तहसीलदार ने कोर्ट टिकट लगे आवेदन पर कोई संज्ञान नही लिया
श्री चंद्राकर ने पंचायत की मंशा क़ो भाँपते हुए अवैधानिक कार्यवाई के 22 दिन पूर्व ही न्यायालय श्रीमान नायब तहसीलदार महासमुंद क़ो समस्त दस्तावेज के साथ पंचायत की कार्यवाई पर स्थगन देने का निवेदन किया गया था परन्तु नायब तहसीलदार ने कोर्ट टिकट लगे आवेदन पर कोई संज्ञान नही लिया I श्री चंद्राकर ने यह भी बताया कि उक्त स्थल की आसपास की शासकीय जमीन पर वर्तमान मे कई लोगो का नाम चढ़ गया है जिसके कारण राजस्व विभाग उस स्थल की वास्तविक नापजोक न करके मनगढंत सीमांकन रिपोर्ट प्रस्तुत कर देता है I
उच्च न्यायालय की अवमानना
पूर्व सरपंच पति पोखन लाल चंद्राकर ने बताया कि उक्त अवैधानिक कार्यवाई के बाद दिनांक 20/2/2026 क़ो माननीय उच्च न्यायालय के आदेश क़ो ज़ब पंचायत क़ो बताया गया तो पंचायत द्वारा उच्च न्यायालय की अवमानना करते हुए आदेश मानने से इंकार करते हुए खेत मे निर्माण कार्य जारी रखा जबकि दिनांक 20/2/2026 की स्थिति मे सिर्फ नींव खोदा गया था तथा पत्थर डंप किया गया था l

पूर्व सरपंच पति पोखन चंद्राकर राजस्व निरीक्षक मनीष श्रीवास्तव एवं टीम क़ो वास्तविकता से अवगत कराते हुए l



