
कांकेर। उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी से जुड़ी माओवादी डीवीसीएम मासे बारसा ने एके-47 राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया है। यह नक्सली लाखों रुपये का ईनाम घोषित था और उसने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए पुनर्वास कार्यक्रम से संपर्क किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बारसा ने मल्लेश और रानू पोडियाम से प्राप्त जानकारी और स्थानीय वरिष्ठजनों के सहयोग से आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस अधिकारियों का बयान
पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से संपर्क स्थापित कर उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, सुन्दरराज पट्टलिंगम ने आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों के निर्णय का स्वागत किया और अन्य सक्रिय माओवादी सदस्यों से भी अपील की कि वे हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों।

नक्सलियों के पुनर्वास के प्रयास
पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता दी जाएगी। पुलिस ने यह भी बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों के सामाजिक पुनर्वास और हथियारों की औपचारिक सुपुर्दगी की प्रक्रिया आगामी दिनों में पूरी की जाएगी।
यह कदम न केवल सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता है, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य नक्सलियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि वे मुख्यधारा में वापस लौट सकते हैं और शासन से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।



