
केंद्र में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पहले नवंबर 2025 में भी प्रदूषण के मुद्दे पर जवाब मांगा था। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है और लोगों को स्वच्छ वातावरण के लिए सक्रिय होने की अपील की।
केंद्र में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दिल्ली और अन्य हिस्सों में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा “हम वायु प्रदूषण की बहुत भारी कीमत चुका रहे हैं। अपने स्वास्थ्य के साथ भी और अपनी अर्थव्यवस्था के साथ भी। करोड़ों आम भारतीय हर दिन इसका बोझ झेल रहे हैं।”

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि बच्चे और बुज़ुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, जबकि निर्माण श्रमिक और दिहाड़ी कामगार जैसी प्रोफेशनल श्रेणियां इस समस्या का सबसे अधिक सामना करती हैं। उन्होंने चेताया कि सर्दी खत्म होते ही इस समस्या को भुलाया नहीं जाना चाहिए। कांग्रेस नेता ने पोस्ट में आगे लिखा, “बदलाव की पहली कड़ी है, अपनी आवाज उठाना”, और लोगों से प्रदूषण के खिलाफ सक्रिय होने और समाधान की दिशा में कदम उठाने की अपील की।
जनता से की अनुभव शेयर करने की अपील
राहुल गांधी ने चेताया कि बच्चे और बुज़ुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, जबकि निर्माण श्रमिक और दिहाड़ी कामगार इस समस्या का सबसे अधिक सामना करते हैं। उन्होंने कहा कि सर्दी खत्म होते ही इस समस्या को भुलाया नहीं जाना चाहिए, और लोगों से बदलाव की पहली कड़ी के रूप में अपनी आवाज उठाने का आग्रह किया। साथ ही, राहुल गांधी ने अपनी वेबसाइट ‘आवाज भारत’ का लिंक साझा किया और जनता से अपील की कि वे इस प्लेटफॉर्म पर बताएं कि वायु प्रदूषण ने उन्हें या उनके करीबियों को कैसे प्रभावित किया है।
पहले भी प्रदूषण का मुद्दा उठा चुके हैं राहुल गांधी
इससे पहले नवंबर 2025 में भी राहुल गांधी ने X पर पोस्ट करते हुए दिल्ली के प्रदूषण को हेल्थ इमरजेंसी करार दिया था। उस समय उन्होंने लिखा था “मैं जिन भी माताओं से मिलती हूं, वो सब एक ही बात कहती हैं: उनका बच्चा जहरीली हवा में सांस ले रहा है। वो थकी हुई, डरी हुई और गुस्से में हैं।”
PM मोदी से मांगा था जवाब
साथ ही उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा “मोदी जी, भारत के बच्चे हमारी आंखों के सामने दम घुट रहे हैं। आप चुप कैसे रह सकते हैं? आपकी सरकार में कोई तत्परता, कोई योजना, कोई जवाबदेही क्यों नहीं दिख रही है? भारत को वायु प्रदूषण पर संसद में तत्काल और विस्तृत बहस और इस हेल्थ इमरजेंसी से निपटने के लिए एक सख्त और लागू करने योग्य कार्य योजना की जरूरत है। हमारे बच्चों को साफ हवा चाहिए, बहाने और ध्यान भटकाने वाली बातें नहीं।”



