Featureछत्तीसगढ़

बाबा गुरुघासीदास जयंती के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हुए विधायक अनुज

मनखे-मनखे एक समान' यह केवल एक नारा नहीं है, यह भारत के लोकतंत्र की आत्मा है- अनुज

रायपुर / आज धरसींवा विधानसभा के ग्राम तिवरैया व गोमची में बाबा गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम व पंथी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ,जिसमें विधायक अनुज शर्मा सम्मलित हुए|
विधायक शर्मा ने बाबा गुरु घासीदास जी के चरणों पर पुष्प अर्पित कर गुरु गद्दी का पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया व पंथी नृत्य करने वाले कलाकारों का उत्साहवर्धन किया कर उन्हें सम्मानित किया।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने जय सतनाम का उद्घोष लगाते हुए कहा कि बाबा के चरणों में नमन करते हुए मैं आज उस महान सत्य को याद कर रहा हूँ जो उन्होंने सदियों पहले गिरौदपुरी के जंगलों से पूरी दुनिया को दिया था। जब दुनिया मानवाधिकारों की परिभाषा गढ़ रही थी, उससे बहुत पहले छत्तीसगढ़ के इस महान संत ने ‘मनखे-मनखे एक समान’ का उद्घोष किया था। यह केवल एक नारा नहीं है, यह भारत के लोकतंत्र की आत्मा है। बाबा ने सिखाया कि ईश्वर किसी जाति या पंथ में नहीं, बल्कि हर मनुष्य की सेवा में है। आज हमारी सरकार का मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ बाबा गुरुघासीदास जी के इसी दर्शन का विस्तार है। आज जब भारत एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनने की ओर अग्रसर है, तो बाबा की शिक्षाएं हमें याद दिलाती हैं कि असली प्रगति तभी है जब समाज का सबसे पिछड़ा व्यक्ति भी गर्व के साथ मुख्यधारा में खड़ा हो।आज के इस अवसर पर मैं अपने युवा साथियों से विशेष आग्रह करूँगा। बाबा के सात सिद्धांतों को केवल पढ़िए मत, उन्हें अपने जीवन का हिस्सा बनाइए। नशा मुक्त समाज और भेदभाव मुक्त राष्ट्र ही बाबा के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। में, बाबा गुरु घासीदास जी के चरणों में पुनः श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए, मैं आप सभी के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।

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