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छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा का बढ़ता कारवां: क्रेडा की 2 वर्षों की सुनहरी उपलब्धियां, सौर ऊर्जा से रोशन हो रहा प्रदेश

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) ने पिछले दो वर्षों में सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में ऊर्जा और विकास को बढ़ावा दिया गया है।

ऑफग्रिड सोलर पॉवर प्लांट
राज्य के स्वास्थ्य केंद्रों, आश्रमों, स्कूलों, पुलिस थानों और सरकारी भवनों में ऑफग्रिड रूफटॉप सौर संयंत्र लगाए जा रहे हैं। इन संयंत्रों से न सिर्फ प्रकाश व्यवस्था हो रही है, बल्कि ऊर्जा का संरक्षण भी किया जा रहा है। विगत दो वर्षों में 388 संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 1188 किलोवॉट है।

सोलर हाई मास्ट
राज्य के गाँवों और शहरों के सार्वजनिक स्थलों पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर हाई मास्ट संयंत्र लगाए गए हैं। इससे रात्रि में आवागमन सुरक्षित हुआ है और दुर्घटनाओं व अपराधों में कमी आई है। विगत दो वर्षों में 1554 ऐसे संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 1863.9 किलोवॉट है।

नियद नेल्लानार योजना
वर्ष 2024-25 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य माओवाद प्रभावित बस्तर संभाग का सर्वांगीण विकास करना है। इस योजना के तहत जिला सुकमा, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर के 47 कैंपों में 151 गाँवों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत नारायणपुर के ओरछा क्षेत्र के मसपुर और मेटानार में पहली बार सोलर हाई मास्ट के माध्यम से रोशनी पहुंची है। इसके अलावा, सुकमा के अत्यंत नक्सल प्रभावित गांवों सिलगेर, टेकलगुड़ा और पूवर्ती के सामुदायिक भवनों में सौर ऊर्जा से संचालित 2-2 टीवी और डीटीएच प्रदान किए गए हैं।

 

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