छत्तीसगढ़

रायगढ़ में जंगली हाथियों का आतंक: 20 किसानों के खेत उजाड़े, दो ग्रामीणों के घरों को तोड़कर किया नुकसान

रायगढ़। जिले में बीती रात हाथियों ने जमकर उत्पात मचाते हुए जहां 20 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है वहीं दो ग्रामीणों के मकान को भी तोड़ा है, जिसके बाद से गांव के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। रायगढ़ जिले में बीती रात हाथियों ने जमकर उत्पात मचाते हुए जहां 20 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है, वहीं दो ग्रामीणों के मकान को भी तोड़ा है, जिसके बाद से गांव के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में 115 हाथी अलग अलग दल में विचरण कर रहे हैं जिसमें 29 नर, 50 मादा के अलावा 36 हाथी शावक शामिल है। हाथियों के दल ने बीती रात 20 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है जिसमें कोयलार, प्रेमनगर में 03, रूवाफूल में 01, सिंघीझाप में 03, छाल, गड़ईनबहरी, बोजिया में 08, धौराभांठा में 03 के अलावा मदनपुर में भी 02 किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। इसी तरह बाकारूमा रेंज के साजापाली गांव में जंगल से भटककर गांव पहुंचे एक दंतैल हाथी ने दो ग्रामीणों के मकान को तोड़ा है।

बताया जा रहा है कि इस दरम्यान बुधनाथ मांझी का परिवार अपनी जान बचाने अपने मकान को छोडकर पड़ोसी के गली के छुपा हुआ था। बीट गार्ड समीर तिर्की ने बताया कि बीती रात 1:30 बजे वनपरिक्षेत्र बाकारूमा साजापाली आरएफ क्रमांक 84 में स्थित बुधनाथ मांझी के घर को एक हाथी ने तोडकर वहां रखे धान को खाया है। पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। नुकसान का आंकलन कर मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी। गांव के ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिये कहा गया है।

वन विभाग के आंकड़ों की अगर बात करें तो बाकारूमा रेंज में भी इन दिनों 75 हाथियों की मौजूदगी है। बताया जा रहा है कि बाकारूमा परिसर के धौराभांठा परिसर में 12 हाथियों के दल में से एक मादा हाथी ने एक शावक को जन्म दिया है। वन विभाग की टीम हाथियों के इस दल पर नजर बनाये हुए है। गांव के ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाये रखने अपील की जा रही है।

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