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रायपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र इस बार नया इतिहास रचने को कगार पर खड़ा नजर आ रहा, बृजमोहन अग्रवाल का मुकाबला कांग्रेस के हारे प्रत्याशी विकास उपाध्याय से

रायपुर। प्रदेश के अन्य लोकसभा क्षेत्रों के साथ रायपुर लोकसभा क्षेत्र में भी मतगणना की शुरुआत बैलेट पेपर के बाद ईवीएम से गिनती शुरू हो चुकी है. रुझानों में भाजपा प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल बढ़त हासिल कर चुके हैं.

रायपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र इस बार नया इतिहास रचने को कगार पर खड़ा नजर आ रहा है, क्योंकि विधानसभा चुनाव में रिकार्ड मतों से जीत दर्ज करने वाले आठ बार के विधायक बृजमोहन अग्रवाल को भाजपा ने पहली बार लोकसभा चुनाव में उतारा है. बृजमोहन अग्रवाल का मुकाबला कांग्रेस के हारे प्रत्याशी विकास उपाध्याय से है.

साल 2019 आम चुनाव में बीजेपी ने इस सीट पर बहुत बड़ी जीत दर्ज की थी. बीजेपी उम्मीदवार सुनील सोनी ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद दुबे को 3 लाख 48 हजार 238 वोटों से हराया था. सुनील सोनी को 8 लाख 37 हजार 902 वोट मिले थे, जबकि प्रमोद दुबे को 4 लाख 89 हजार 664 वोट हासिल हुए थे. इस सीट पर कई निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे.

9 विधानसभा सीटों का गणित

रायपुर लोकसभा सीट के तहत 9 विधानसभा सीटें आती हैं. इसमें बलौदाबाजार, भाटापारा, धरसींवा, रायपुर शहर ग्रामीण, रायपुर शहर पश्चिम, रायपुर शहर उत्तर, रायपुर शहर दक्षिण, आरंग और अभनपुर विधानसभा सीट शामिल है. विधानसभा चुनाव 2023 में बीजेपी ने 8 सीटों पर जीत दर्ज की. जबकि कांग्रेस को एक सीट – भाटापारा पर जीत मिली.

रायपुर लोकसभा सीट का जातीय समीकरण-रायपुर लोकसभा सीट पर कुर्मी, साहू और सतनामी वोटर्स की बहुलता है. इन तीनों जातियों के वोटर्स की संख्या 8 लाख से ज्यादा है. 2011 जनगणना के मुताबिक इस सीट पर 3.6 लाख से अधिक अनुसूचित जाति (ST) के वोटर हैं. जबकि अनुसूचित जनजाति (ST) वोटर्स की संख्या 1.28 लाख के करीब है. इस सीट पर मुस्लिम वोटर्स की संख्या 88 हजार के करीब है.

रायपुर से हारे थे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष

इतिहासकार बताते हैं कि 1967 के लोकसभा चुनाव में रायपुर की सीट से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे आचार्य जेबी कृपलानी भी चुनाव हार चुके हैं. 1947 में जब भारत को आजादी मिली उस समय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य कृपलानी ही थे, उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरू से अपने मतभेद के चलते कांग्रेस छोड़ दी थी, रायपुर से 1967 का लोकसभा चुनाव भी उन्होंने कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी केएल गुप्ता से लड़ा और हार गए.

कब किसने जीता रायपुर का रण

वर्ष विजयी उम्मीदवार पार्टी
1952 भूपेन्द्र नाथ मिश्रा कांग्रेस
1957 बीरेंद्र बहादुर सिंह कांग्रेस
1962 केशर कुमारी देवी कांग्रेस
1967 लखन लाल गुप्ता कांग्रेस
1971 विद्याचरण शुक्ल कांग्रेस
1977 पुरुषोत्तम कौशिक जनता पार्टी
1980 केयूर भूषण कांग्रेस
1984 केयूर भूषण कांग्रेस
1989 रमेश बैस भाजपा
1991 विद्याचरण शुक्ल कांग्रेस
1996 रमेश बैस भाजपा
1998 रमेश बैस भाजपा
1999 रमेश बैस भाजपा
2004 रमेश बैस भाजपा
2009 रमेश बैस भाजपा

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