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एचएसआरपी नंबर प्लेट नीति फेल, 80 फीसदी पुराने वाहनों में नहीं लगा पाए, अब चालानी कार्यवाही का आतंक – कांग्रेस

नाकामी सरकार की, खामी पोर्टल में और जुर्माना जनता भुगते? यह तानाशाही नहीं चलेगी

रायपुर/ सरकार और परिवहन विभाग के हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के दावों पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह अभियान धरातल पर पूरी तरह प्रशासनिक नाकामी और लूट का अड्डा बनकर रह गया है। भाजपा की सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन और जनविरोधी साबित हो चुकी है। आज राज्य में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के नाम पर एक बहुत बड़ा प्रशासनिक ढकोसला और वसूली अभियान चल रहा है। आंकड़े खुद गवाही दे रहे हैं कि अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत कुल 52 लाख 48 हजार वाहनों में से सरकार सिर्फ 10 लाख 72 हजार गाड़ियों में ही प्लेट लगवा पाई है, 41 लाख 76 हजार वाहन अर्थात लगभग 80 प्रतिशत पुराने वाहन आज भी पुरानी प्लेट के साथ चल रहे हैं। जब सरकार और उसका परिवहन विभाग खुद फेल है, तो गरीब और मध्यम वर्ग के सिर पर चालान की तलवार क्यों लटकाई जा रही है? लागत दहाई के अंकों में और वसूली सैकड़ों-हजारों की, यह सुरक्षा नहीं, बल्कि भाजपा सरकार द्वारा जनता की जेब पर सीधा डाका है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार ने बिना बुनियादी तैयारी, पर्याप्त डिजिटल और स्थानीय बुनियादी ढांचे के एक हाई-सिक्योरिटी प्लेट लगाने की अनिवार्यता थोप दी। मोटे कमीशन के लालच में मात्र कुछेक कंपनियों या चुनिंदा एजेंसियों को फायदा पहुँचाने के लिए पोर्टल और व्यवस्था को जटिल बनाया गया। जहाँ प्लेट की वास्तविक लागत दहाई के आंकड़े, 40-50 रुपये में है, वहीं जनता से सैकड़ों-हजारों रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। अब जनता को राहत देने के बजाय सरकार पुलिस प्रशासन के जरिए चालानी कार्रवाई का डर दिखाकर अपनी नाकामी छुपाने में लगी है। छत्तीसगढ़ का आम नागरिक, मध्यम वर्ग, किसान, और छोटे वाहन चालक पहले से ही महंगाई और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। सरकार की इस अदूरदर्शी नीति के कारण आम जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ा है। समय पर बुकिंग न होना, लंबी कतारें, तकनीकी खामियां और भारी-भरकम फीस के कारण जनता परेशान है और अब उस पर पुलिसिया चालान का अतिरिक्त मानसिक व आर्थिक आतंक थोपा जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार केवल वसूली सरकार बनकर रह गई है जिसका काम जनता को राहत देना नहीं, बल्कि हर बात पर पेनाल्टी और चालान के नाम पर लूटना है। सुरक्षा के नाम पर ‘प्लेट घोटाला’ चला रही है। तय समय पर गाड़ियों में प्लेट लग नहीं पाई और सरकार सिर्फ चालान काटने की धमकी दे रही है। जब विभाग खुद क्षमताहीन है, तय समय सीमा में प्लेट उपलब्ध कराने और पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर करने में असफल रहा है, तो अब गरीब वाहन चालकों पर चालान और पुलिसिया कार्रवाई का डर क्यों दिखाया जा रहा है? यह स्पष्ट रूप से प्रशासनिक नाकामी और किसी चहेती कंपनी को फायदा पहुँचाने का षड्यंत्र है। आम जनता, किसान और मध्यम वर्ग पहले ही भाजपा सरकार की महंगाई और वादाखिलाफी से त्रस्त है। ऊपर से गाड़ियों की नंबर प्लेट बदलने के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली हो रही है। क्या यही सुशासन है जहाँ जनता को हर कदम पर प्रताड़ित किया जा रहा है? नियम सुरक्षा के लिए होते हैं, जनता को लूटने या उन पर पुलिसिया आतंक फैलाने के लिए नहीं। जनता तक सुविधा पहुँची नहीं है, तो किस अधिकार से आप गरीबों और मध्यम वर्ग की गाड़ियों के चालान काट रहे हैं? पहले इंफ्रास्ट्रक्चर दीजिए, समय बढ़ाइए और मुफ्त या न्यूनतम लागत पर व्यवस्था सुनिश्चित कीजिए, जनता को अपराधी समझना बंद कीजिए।

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