
कांकेर में दर्दनाक सड़क हादसा: दो युवकों की मौत से भड़का ग्रामीणों का गुस्सा, बाईपास पर चक्काजाम; इन मांगों पर मिला आश्वासन
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सड़क दुर्घटना में दो युवकों की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नंदनमारा के पास मंगलवार रात हुए इस दर्दनाक हादसे से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने बाईपास मार्ग पर चक्काजाम कर दिया और सड़क पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि बाईपास मार्ग पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने और स्पीड ब्रेकर की कमी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था बेहतर की जाए, तो ऐसे हादसों की आशंका को कम किया जा सकता है।
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी समझाइश के बाद एसडीएम भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके बाद मार्ग पर यातायात बहाल करने के प्रयास शुरू किए गए।
नंदनमारा के पास हादसे में दो युवकों की मौत
जानकारी के अनुसार, हादसा कांकेर के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत नंदनमारा के पास मंगलवार रात हुआ। दुर्घटना में दो युवकों की जान चली गई। दोनों युवक नंदनमारा के निवासी बताए गए हैं।
इस घटना से मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, गांव में भी शोक का माहौल है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने बाईपास मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर नाराजगी जाहिर की और संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
बाईपास मार्ग पर चक्काजाम, महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल
दो युवकों की मौत के बाद बुधवार सुबह ग्रामीणों ने बाईपास मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन में महिलाएं और बच्चियां भी शामिल हुईं। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क पर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए बिना हादसों को रोकना मुश्किल होगा।
प्रदर्शन के कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि संबंधित विभागों को जमीन पर ठोस कदम उठाने होंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
नंदनमारा के पास हुए हादसे के बाद ग्रामीणों ने बाईपास मार्ग पर यातायात सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- सड़क पर स्ट्रीट लाइट: बाईपास मार्ग पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए, ताकि रात में वाहन चालकों को सड़क स्पष्ट दिखाई दे।
- स्पीड ब्रेकर का निर्माण: जरूरत वाले स्थानों पर नियमानुसार स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं, जिससे वाहनों की रफ्तार नियंत्रित की जा सके।
- सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं।
- मार्ग का निरीक्षण: संबंधित विभाग सड़क की स्थिति और यातायात व्यवस्था की जांच कर जरूरी सुधार करे।
- हादसों की रोकथाम: भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की आशंका कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
एसडीएम के लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
ग्रामीणों के विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उनसे बातचीत की। काफी समझाइश के बाद एसडीएम भी घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी मांगों से अधिकारियों को अवगत कराया और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई।
प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम और धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके बाद प्रभावित मार्ग पर यातायात बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
हालांकि, ग्रामीणों की मांगों पर कब तक और किस स्तर पर कार्रवाई होगी, इसकी विस्तृत समयसीमा उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अब संबंधित विभागों की कार्रवाई पर लोगों की नजर रहेगी।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
नंदनमारा के पास दो युवकों की मौत ने बाईपास मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन हादसों की रोकथाम के लिए केवल आश्वासन देने के बजाय जरूरी सुधार भी सुनिश्चित करे।
रात के समय पर्याप्त रोशनी, सड़क संकेतक, गति नियंत्रण और दुर्घटना संभावित स्थानों पर उचित सुरक्षा उपाय वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। सड़क की स्थिति और यातायात परिस्थितियों के अनुसार संबंधित विभागों को जरूरी कदम उठाने चाहिए।
इस घटना में दो युवकों की मौत के बाद ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। अब उम्मीद है कि प्रशासन की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन के अनुरूप बाईपास मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



