
छत्तीसगढ़ में 9 चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों का तबादला, कांकेर से रायपुर तक बदली जिम्मेदारियां
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए 9 चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सा विशेषज्ञों के तबादले किए हैं। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, संबंधित चिकित्सकों को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित कर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से नई जगह पदस्थ किया गया है।
इस फेरबदल में कांकेर, रायपुर, बलरामपुर, कोरिया, दंतेवाड़ा, सारंगढ़ और अन्य क्षेत्रों के स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं। कुछ चिकित्सकों को जिला अस्पतालों में नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के इस आदेश से जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकीय व्यवस्था के संचालन में बदलाव होगा। खास तौर पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और प्रभारी सिविल सर्जन जैसे पदों पर हुए बदलाव महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
कांकेर के प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बने डॉ. नारायण सिंह नाग
जारी आदेश के मुताबिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोहंडीगुड़ा में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण सिंह नाग को प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कांकेर के पद पर पदस्थ किया गया है।
इस बदलाव के तहत उन्हें जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभानी होंगी। वहीं, अन्य चिकित्सकों को उनकी विशेषज्ञता और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों में नई पदस्थापना दी गई है।
किस डॉक्टर का कहां हुआ तबादला? देखें पूरी सूची
स्वास्थ्य विभाग के आदेश में नौ चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना का विवरण इस प्रकार है:
| क्रमांक | चिकित्सक का नाम | पुरानी पदस्थापना | नई पदस्थापना |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. नारायण सिंह नाग | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लोहंडीगुड़ा | प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कांकेर |
| 2 | डॉ. प्रेमसिंह मार्को | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सोनहट, जिला कोरिया | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लखनपुर |
| 3 | डॉ. राजेन्द्र कुमार राय | जिला चिकित्सालय, दंतेवाड़ा | जिला चिकित्सालय, पंडरी, रायपुर |
| 4 | डॉ. शशांक गुप्ता | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजपुर | प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय बलरामपुर |
| 5 | डॉ. रामप्रसाद तिर्की | प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय बलरामपुर | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजपुर |
| 6 | डॉ. गोरेलाल मिरी | प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, खोंगापानी | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उदयपुर |
| 7 | डॉ. शशिकला मिरी | प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लेदरी | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उदयपुर |
| 8 | डॉ. वंदना कुमारी चौधरी | जिला चिकित्सालय, सारंगढ़ | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रतनपुर |
| 9 | डॉ. पियम सिंह | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बिल्हा | लाल बहादुर शास्त्री शासकीय चिकित्सालय, सुपेला |
बलरामपुर में सिविल सर्जन की जिम्मेदारी में बदलाव
बलरामपुर जिला चिकित्सालय में भी प्रशासनिक बदलाव किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर में पदस्थ डॉ. शशांक गुप्ता को प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं, इस पद पर कार्यरत डॉ. रामप्रसाद तिर्की को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर में पदस्थ किया गया है। इस तरह दोनों चिकित्सकों की पदस्थापना में बदलाव हुआ है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी नई पदस्थापना
आदेश के तहत डॉ. गोरेलाल मिरी और डॉ. शशिकला मिरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर में पदस्थ किया गया है। दोनों इससे पहले क्रमशः प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोंगापानी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेदरी में कार्यरत थे।
इसके अलावा, स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना कुमारी चौधरी को जिला चिकित्सालय सारंगढ़ से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर भेजा गया है। वहीं, डॉ. प्रेमसिंह मार्को को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनहट से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर में पदस्थ किया गया है।
डॉ. राजेन्द्र कुमार राय को दंतेवाड़ा जिला चिकित्सालय से रायपुर के पंडरी स्थित जिला चिकित्सालय में नई पदस्थापना मिली है। डॉ. पियम सिंह को बिल्हा से सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री शासकीय चिकित्सालय भेजा गया है।
आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी पदस्थापना
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ये तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए हैं और संबंधित चिकित्सकों की नई पदस्थापना आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से की गई है।
इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों की जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। हालांकि, मरीजों को सेवाएं देने की व्यवस्था पर इसका वास्तविक प्रभाव नई पदस्थापना के कार्यभार ग्रहण करने और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरतों पर निर्भर करेगा।



