
कांकेर में 61 दिव्यांगजनों को मिली नई उम्मीद, किसी को ट्राइसाइकिल तो किसी को व्हीलचेयर; खिले चेहरे
कांकेर में निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन, विधायक आशाराम नेताम और कलेक्टर कुन्दन कुमार ने बढ़ाया दिव्यांगजनों का हौसला
उत्तर बस्तर कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके दैनिक जीवन को आसान करने की दिशा में सराहनीय पहल की गई। भगवान महावीर दिव्यांग सहायता समिति, जयपुर और जिला प्रशासन उत्तर बस्तर कांकेर के संयुक्त सहयोग से जिला मुख्यालय स्थित मिनी स्टेडियम परिसर में निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 61 दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर सहित आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए गए।
सहायक उपकरण मिलने से दिव्यांगजनों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और वे अपनी दैनिक गतिविधियां अधिक आसानी से पूरी कर सकेंगे। शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना रहा।
61 हितग्राहियों को मिले निःशुल्क सहायक उपकरण
शिविर में कुल 61 दिव्यांगजनों को निःशुल्क सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें 34 दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल और 27 दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर प्रदान की गईं। इसके अलावा दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हितग्राहियों से संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया। जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण मिलने से दिव्यांगजनों के लिए घर से बाहर निकलना, जरूरी काम करना और दैनिक गतिविधियों में भाग लेना अधिक सुविधाजनक हो सकेगा।
इस तरह के शिविर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिन्हें आर्थिक परिस्थितियों के कारण जरूरी सहायक उपकरण खरीदने में कठिनाई होती है।
विधायक आशाराम नेताम ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में कांकेर विधायक आशाराम नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। नगर पालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष अरुण कौशिक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
विधायक आशाराम नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयास कर रही है। नियमानुसार पेंशन के साथ-साथ जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने भगवान महावीर दिव्यांग सहायता समिति, जयपुर की पहल की सराहना की और इस जनहितकारी कार्य के लिए समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने उपस्थित लोगों को नवरात्र, दशहरा और दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने बताई शिविर की उपयोगिता
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने भगवान महावीर दिव्यांग सहायता समिति को आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक योजनाओं और सहायता का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने जानकारी दी कि समिति की ओर से पिछले दिन जगदलपुर में भी निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किया गया था। उस शिविर में कांकेर जिले के 277 दिव्यांगजन लाभान्वित हुए थे।
जो दिव्यांगजन जगदलपुर में आयोजित शिविर में शामिल नहीं हो पाए थे, उन्हें कांकेर में आयोजित शिविर के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई गई। इससे जिले के अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायक उपकरण पहुंचाने में मदद मिली।
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल
नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक ने भी शिविर की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना उनके जीवन को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर जैसे उपकरण दिव्यांगजनों की आवाजाही को आसान बनाने में सहायक होते हैं। इससे उन्हें परिवार और समाज की गतिविधियों में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर मिलता है।
दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए केवल उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं, पेंशन, प्रमाण पत्र और अन्य पात्र सुविधाओं का लाभ दिलाना भी आवश्यक है। ऐसे शिविर इस दिशा में मददगार साबित हो सकते हैं।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में भगवान महावीर दिव्यांग सहायता समिति की ओर से नारायण व्यास, पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, महेश जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी, राजेश शर्मा, दिलीप जायसवाल और समाज कल्याण विभाग की उप संचालक क्षमा शर्मा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन भी शामिल हुए। जिला प्रशासन और सामाजिक संस्था के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम ने जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक और आत्मनिर्भर बनाने का संदेश दिया।
कांकेर में आयोजित यह शिविर दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायक उपकरण और सरकारी सुविधाएं पहुंचाने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।



