
भानुप्रतापपुर कन्या छात्रावास में नाबालिग छात्रा के गर्भवती होने से हड़कंप, कलेक्टर ने गठित की जांच टीम
तीन दिन में मांगी रिपोर्ट, छात्रावास अधीक्षक और मंडल संयोजक को कारण बताओ नोटिस; मामले में प्राथमिकी दर्ज, एक व्यक्ति गिरफ्तार
उत्तर बस्तर कांकेर। छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर स्थित प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास में एक नाबालिग छात्रा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद कराई गई चिकित्सकीय जांच में उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच दल गठित किया है। जांच टीम को तीन दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस घटना ने छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा, देखभाल और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन ने मामले के सभी पहलुओं की जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
तबीयत बिगड़ने पर कराया गया मेडिकल परीक्षण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भानुप्रतापपुर के प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही नाबालिग छात्रा की तबीयत बिगड़ गई थी। छात्रा में कुछ असामान्य गतिविधियां दिखाई देने के बाद छात्रावास अधीक्षक ने उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया।
मेडिकल जांच के दौरान छात्रा के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इसके बाद मामले की जानकारी छात्रा के परिजनों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को दी गई। चूंकि मामला एक नाबालिग छात्रा से जुड़ा है, इसलिए इसकी गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग ने कार्रवाई शुरू की।
छात्रा की जानकारी के आधार पर दर्ज हुई प्राथमिकी
आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त जया मनु से प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्रा के परिजन उसके स्वास्थ्य में सुधार के लिए उसे एक बैगा के पास ले जा रहे थे। इसी दौरान बालिका द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मामले में संबंधित बैगा को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। नाबालिग की पहचान और उसकी निजता की सुरक्षा इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण है।
कलेक्टर ने बनाई चार सदस्यीय जांच टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कुन्दन कुमार ने तत्काल प्रभाव से जांच दल का गठन किया है। इस दल की अध्यक्षता भानुप्रतापपुर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनिकेत अशोक फड़तरे करेंगे।
जांच दल को मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने और तीन दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के माध्यम से घटनाक्रम, संबंधित परिस्थितियों और छात्रावास की व्यवस्थाओं से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।
अधीक्षक और मंडल संयोजक को कारण बताओ नोटिस
प्रशासन ने मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित छात्रावास अधीक्षक और मंडल संयोजक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे संबंधित विषयों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कारण बताओ नोटिस जारी होने का उद्देश्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों के संबंध में जवाब प्राप्त करना है। जांच पूरी होने और तथ्यों के सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई का निर्धारण किया जा सकेगा।
छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं। छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और देखभाल सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
इस मामले के बाद छात्रावास प्रबंधन, नियमित निगरानी और किसी भी असामान्य स्थिति में तत्काल उचित कार्रवाई की आवश्यकता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मामले में आगे क्या होगा?
- जांच रिपोर्ट: चार सदस्यीय दल को तीन दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है।
- विभागीय जवाबदेही: छात्रावास अधीक्षक और मंडल संयोजक से कारण बताओ नोटिस के माध्यम से जवाब मांगा गया है।
- पुलिस कार्रवाई: प्राथमिकी दर्ज की गई है और संबंधित बैगा की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
- सुरक्षा व्यवस्था: प्रशासन ने छात्रावासों में सुरक्षा मजबूत करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए हैं।
भानुप्रतापपुर का यह मामला बालिकाओं की सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। अब जांच दल की रिपोर्ट और पुलिस जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। प्रशासन के सामने छात्रा की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ मामले की निष्पक्ष जांच कराना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।



