
जगदलपुर। बस्तर के घने जंगलों में एक बार फिर बाघ की मौजूदगी की खबर सामने आने से आसपास के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। भानपुरी वन परिक्षेत्र के मावलीगुड़ा स्थित खुटीगुड़ा पारा क्षेत्र में बाघ के विचरण की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। विभागीय अमले ने मौके पर पहुंचकर इलाके का निरीक्षण किया और जंगल व आसपास के संभावित क्षेत्रों में बाघ की गतिविधियों के संकेत तलाशे।
बाघ की सूचना सामने आने के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग की टीम लगातार संभावित विचरण क्षेत्र पर नजर रख रही है, ताकि बाघ की गतिविधियों का पता लगाया जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते टाला जा सके।

पदचिह्नों की जांच से बढ़ी निगरानी
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संभावित विचरण क्षेत्र में मिले पदचिह्नों की भी जांच की गई। इन संकेतों के आधार पर वन अमला बाघ की मौजूदगी और उसके संभावित मूवमेंट को समझने की कोशिश कर रहा है।
बाघ के जंगल से लगे ग्रामीण इलाकों के आसपास होने की सूचना के बाद विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों को भी जंगल की ओर जाने से बचने और विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
कोटवार के जरिए कराई गई मुनादी
ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए वन विभाग ने स्थानीय स्तर पर भी कदम उठाए हैं। कोटवार के माध्यम से गांव में मुनादी कराकर लोगों को बाघ की संभावित मौजूदगी की जानकारी दी गई।
ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और जंगल या सुनसान इलाकों की ओर अकेले न जाएं। खासतौर पर मवेशियों को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
वन विभाग की प्रमुख अपीलें:
- जंगल और संभावित बाघ विचरण क्षेत्र में जाने से बचें।
- अकेले सुनसान इलाकों में न जाएं।
- मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
- बाघ दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसका पीछा करने की कोशिश न करें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
बाघ की सूचना सामने आने के बाद खुटीगुड़ा पारा और आसपास के इलाकों में ग्रामीणों के बीच सतर्कता बढ़ गई है। जंगल के नजदीक रहने वाले लोगों के लिए बाघ की मौजूदगी चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीण अपने मवेशियों को लेकर भी विशेष सावधानी बरत रहे हैं।
हालांकि, फिलहाल राहत की बात यह है कि बाघ की मौजूदगी से किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। वन विभाग भी लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।
वन विभाग की टीम रख रही नजर
विभागीय अमला संभावित क्षेत्र में निगरानी कर रहा है। बाघ के मूवमेंट की जानकारी जुटाने के साथ-साथ ग्रामीणों को लगातार सावधान किया जा रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि बाघ और इंसानों के बीच किसी तरह का टकराव न हो।
बस्तर का बड़ा हिस्सा घने जंगलों से घिरा हुआ है और यहां वन्यजीवों की मौजूदगी आम बात है। ऐसे में जंगल से लगे गांवों में वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर समय-समय पर सतर्कता बरती जाती है।
फिलहाल वन विभाग ने ग्रामीणों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीम क्षेत्र में सक्रिय है। आने वाले समय में उसके मूवमेंट की स्थिति स्पष्ट होने के बाद विभाग की ओर से आगे की जानकारी साझा की जा सकती है।



