
अंबिकापुर। मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मामले में अंबिकापुर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के सिद्धार्थ हॉस्पिटल की मेडिकल दुकान में एक्सपायरी दवाइयां मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने फार्मेसी को सील कर दिया है। साथ ही संबंधित मेडिकल लाइसेंस को भी 15 दिनों के लिए निलंबित किया गया है। कार्रवाई के बाद अस्पताल की फार्मेसी में दवाओं के स्टॉक और उनकी वैधता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मामला शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सिद्धार्थ हॉस्पिटल की फार्मेसी का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने मेडिकल दुकान में उपलब्ध दवाइयों के स्टॉक के साथ-साथ संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की।

जांच में मिले एक्सपायरी इंजेक्शन
स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान फार्मेसी के स्टॉक में Amikacin 250 mg के तीन इंजेक्शन पाए गए। इन इंजेक्शनों पर एक्सपायरी डेट 04-2026 दर्ज थी।
यानी अप्रैल 2026 में इन दवाइयों की वैधता समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद ये इंजेक्शन फार्मेसी के स्टॉक में मौजूद पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही के तौर पर लिया।
मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों की गुणवत्ता और वैधता सीधे उनके स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। ऐसे में एक्सपायरी दवाओं का मेडिकल स्टॉक में मिलना प्रशासन के लिए गंभीर विषय माना गया।
शिकायत के बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
जानकारी के मुताबिक, फार्मेसी को लेकर शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभागीय टीम ने अस्पताल पहुंचकर मेडिकल दुकान का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने दवाओं के स्टॉक और मेडिकल रिकॉर्ड की पड़ताल की। इसी प्रक्रिया में एक्सपायरी डेट वाले तीन इंजेक्शन मिलने की जानकारी सामने आई।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के बाद कार्रवाई का निर्णय लिया।
मेडिकल दुकान सील, लाइसेंस भी निलंबित
जिला प्रशासन के निर्देश पर सिद्धार्थ हॉस्पिटल की मेडिकल दुकान को सील कर दिया गया है। इसके अलावा संबंधित फार्मेसी का लाइसेंस भी 15 दिनों के लिए निलंबित किया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट संकेत गया है कि अस्पतालों और मेडिकल दुकानों में दवाइयों की वैधता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कार्रवाई की मुख्य बातें
- सिद्धार्थ हॉस्पिटल की मेडिकल दुकान सील।
- फार्मेसी का लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित।
- जांच में Amikacin 250 mg के तीन इंजेक्शन मिले।
- इंजेक्शनों पर Expiry Date 04-2026 दर्ज थी।
- शिकायत के बाद कलेक्टर के निर्देश पर जांच की गई।
- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्टॉक और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच की।
मरीजों की सुरक्षा पर प्रशासन सख्त
अस्पताल की फार्मेसी में दवाइयों का रखरखाव बेहद महत्वपूर्ण होता है। किसी दवा की एक्सपायरी डेट निकलने के बाद उसका उपयोग मरीज के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल स्टोर और अस्पतालों में दवाओं के स्टॉक की नियमित निगरानी की जाती है।
इस मामले में प्रशासन की कार्रवाई के बाद निजी अस्पतालों की फार्मेसी में रखी दवाइयों की वैधता और स्टॉक प्रबंधन पर निगरानी और सख्त होने की संभावना है।
अधिकारियों की ओर से साफ किया गया है कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेडिकल दुकानों और अस्पतालों को दवाओं की एक्सपायरी डेट, स्टोरेज और रिकॉर्ड का विशेष ध्यान रखना होगा।
फिलहाल सिद्धार्थ हॉस्पिटल की मेडिकल दुकान को सील करने और फार्मेसी लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की जा चुकी है। अब इस मामले में आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।



