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रासायनिक खाद की कालाबाजारी पर कड़ाई से रोक लगाने के निर्देश

कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने ली कांकेर में चार जिले के अधिकारियों की बैठक

उत्तर बस्तर कांकेर / कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज कांकेर में बस्तर संभाग के चार जिलों कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर एवं बस्तर जिले के कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन और पशुधन विकास विभाग की अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने खरीफ की तैयारी और खरीफ सीजन के लिए उर्वरकां के भण्डारण, वितरण सहित विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए उर्वरकों की कालाबाजारी पर कड़ाई से रोक लगाने के लिए निर्देशित किया। उर्वरक विक्रय केंद्रों का सघन जांच करने के साथ ही समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण कर अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार विशेष रूप से उपस्थित थीं।
कृषि मंत्री श्री नेताम ने बैठक के दौरान प्रत्येक जिलों में गत वर्ष में हुए उर्वरकों की खपत और खरीफ सीजन के लिए भण्डारण की जिलेवार समीक्षा करते हुए उर्वरकों की वैकल्पिक तैयारी रखने के लिए भी निर्देशित करते हुए हरी खाद की तैयारी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जैविक खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने, ग्रीष्मकालीन धान फसल के अलावा अन्य लाभकारी फसलों जिसमें कम पानी व कम लागत में अधिक पैदावार होती हो, ऐसे लाभकारी फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए निर्देशित किया। उद्यानिकी फसलों के लिए किसानों को जागरूक करने के निर्देश देते हुए पॉम ऑयल की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गये, इसके लिए लक्ष्य के अनुकूल हितग्राहियों को चयन सुनिश्चित करने कहा गया। पॉम ऑयल की खेती में अंतरवर्गीय फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया। बस्तर संभाग में कस्टम हायरिंग सेंटर के उपयोग की मैपिंग कर अधिक से अधिक किसानां को लाभान्वित करने, बीज उत्पादन कार्यक्रम में सूझबूझ के साथ किसानों का चयन करने के निर्देश दिए गए। मत्स्य पालन के क्षेत्र में कांकेर जिले की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए इससे महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़ने कहा गया। पशुधन विकास विभाग में आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए कुक्कट पालन, बकरी पालन व डेयरी का विस्तार करने के लिए निर्देशित किया गया, ताकि किसानों को अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो सके। समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि 05 से 20 मई तक विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत उर्वरक के वैकल्पिक उपयोग, हरी खाद का उपयोग, धान के बदले अन्य लाभकारी फसलों का उत्पादन के संबंध में प्रचार-प्रसार के साथ ही अन्य विभागीय योजनाओं एवं तकनीकों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत वॉटर शेड में कार्यों के भौतिक प्रगति की समीक्षा भी की गई। इस अवसर पर संचालक कृषि श्री अजय अग्रवाल, संचालक पशुधन विकास विभाग श्री चंद्रकात वर्मा, संचालक उद्यानिकी श्री लोकेश कुमार, संचालक मत्स्य पालन श्री एन.एस. नाग, जिला पंचायत सीईओ कांकेर श्री हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर श्री अरूण वर्मा, बीज निगम, मंडी बोर्ड, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अपर संचालक, संयुक्त संचालक तथा संभाग एवं कांकेर, नारायणपुर, कोण्डागांव व बस्तर जिले के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

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