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मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से भाजपा और चुनाव आयोग का षडयंत्र उजागर- दीपक बैज

 

रायपुर/ 21 फरवरी 2026। एसआईआर प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग द्वारा प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची पर सवाल उठाते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की आशंका सच साबित हुई एसआईआर के जरिये भाजपा से सांठगांठ कर लाखों मतदाताओं का नाम काटने का षडयंत्र रचा गया। आज एसआईआर के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से 25 लाख वोटर के नाम काट दिया गया। वोटरों के नाम काटने भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बड़ी संख्या में फार्म 7 जमा किये गये उसे चुनाव आयोग ने स्वीकार किया। कांग्रेस ने कई बार एसआईआर प्रक्रिया की खामियां, पारदर्शीता एवं बीएलओं की भूमिका को लेकर शिकायत दर्ज करवाई उस पर कार्यवाही नही की गई। कांग्रेस के कोर वोटरर्स की बहुलता से वाले बूथों को सबसे ज्यादा निशाना बनाया गया। वोटरों के खिलाफ शिकायत करने कई फर्जी हस्ताक्षर किये गये। जिनके नाम से शिकायत की गई उन्हे भी जानकारी नही थी उन्होंने किसी का नाम काटने कोई शिकायत नही करने की बात स्वीकार की। चुनाव आयोग भाजपा की वोट चोरी में सहयोगी यह स्पष्ट हो गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में चुनाव आयोग की मंशा साफ नही है, दुर्भावनापूर्वक छत्तीसगढ़ के 25 लाख वोटरों के नाम काट दिये गये, जिनकी मृत्यु हो गयी है, या जो शादी होकर बाहर चले गये उनका विलोपन तो ठीक है लेकिन यहां तो चुनाव आयोग और भाजपा दोनो ने मिलकर बड़ी संख्या में यहां के एससी, एसटी, और अल्पसंख्यक समुदाय के वोटों को जानबूझकर काटा है। प्रदेश के ऐसे कई पोलिंग बूथों में फर्जीवाड़े की शिकायत किया गया है, उस पर कोई कार्यवाही नही हुई। भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से कांग्रेस के मतदाताओं को चिन्हाकिंत कर नाम काटने के लिये आवेदन फार्म 7 पर फर्जी हस्ताक्षर करके षडयंत्रपूर्वक नाम कटवाये, कई जगह शिकायत हुआ है और कांग्रेस पार्टी ने कई जगह एफआईआर करने के लिये भी आवेदन दिये है लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ एफआईआर नही हुआ है। राजनांदगांव सहित कई जिलों में गलत फार्म 7 भरकर दिया गया और तहसीलदार का नोटिस मिला है तो इसी तरह पूरे प्रदेश में लाखों की संख्या में एससी, एसटी और अल्पसंख्यक वोटो को काटा गया है। कांग्रेस पार्टी शुरू से यह कह रही है कि एसआईआर की प्रक्रिया दुर्भावनापूर्वक भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिये ही किया जा रहा है, आशंका के अनुरूप ही 25 लाख वोट काटे गये। चुनाव आयोग को काटे गये मतदाताओं की जाति के अनुसार सूची जारी करना चाहिये ताकि स्पष्ट पता चले कि चुनाव आयोग द्वारा जानबूझकर किन-किन वर्ग को टारगेट करके नाम काटा गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में 25 लाख मतदाताओं के नाम काटे गये है। चुनाव आयोग उनको नाम काटने का कारण लिखित में दे। उनके नाम क्यो काटे गये है। उन्हे जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दे तथा उनका नाम मतदाता सूची में पुनः जोड़ा जाये।

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