Featureछत्तीसगढ़

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की पत्रकारों से चर्चा

कलेक्टर कांफ्रेंस सिर्फ औपचारिकता मात्र था

 

रायपुर/13 अक्टूबर 2025। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि कल मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कांफ्रेंस लिया। यह कांफ्रेंस पूरी तरह औपचारिकता मात्र साबित हुआ। मुख्यमंत्री लिखा-लिखाया डायलॉग पढ़ रहे थे। मुख्यमंत्री कलेक्टरों से कहते है प्रदेश में अवैध रेत खनन क्यों बंद नहीं हो रहा। मतलब मुख्यमंत्री ने अंततः स्वीकार किया कि राज्य में खनन माफिया हावी है सरकार उसे रोक नहीं पा रही। कलेक्टर कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लंबित राजस्व प्रकरणो के बारे में कोई निर्देश नहीं दिया। जबकि सिर्फ लालफीताशाही के कारण राज्य में चार लाख से अधिक नामांकन, बंटवारा, खाता दुरुस्तीकरण फौत चढ़ाने के मामले लंबित है। मुख्यमंत्री धान खरीदी के लिए कलेक्टरों को जवाबदेह बता रहे जबकि निर्णय और नीति बनाना राज्य सरकार का काम है। बार दाने की व्यवस्था करना, परिवहन और उठाव नीति राइस मिलर से अनुबंध नीति तो सरकार को बनाना है, कलेक्टर तो केवल बनाई गई नीति का पालन करवाएंगे। जब आप नीति और निर्णय नहीं ले पाएंगे तो इसमें उनका क्या दोष।

*बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था के विरोध में कवर्धा में प्रदर्शन*

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री जब राजधानी में एसपी कांफ्रेंस कर रहे है, ठीक उसी समय प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था तथा आदिवासी युवती से हुए अनाचार के विरोध में आज कवर्धा में आदिवासी गोंड समाज के हजारों लोग विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए है। यह भाजपा सरकार के राज में असुरक्षित आम आदमी का प्रतिकार है। सरकार आम आदमी को सुरक्षा दे पाने अपराधों को रोक पाने में विफल साबित हुई है। बलौदाबाजार, कवर्धा, बलरामपुर, सूरजपुर के बाद एक बार फिर से कवर्धा में लोग बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर उतरे है।

*सुशासन की पोल खुल जाती इसलिए समीक्षा रद्द कर दिया*

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने कलेक्टर और एसपी कांफ्रेंस तीन दिन का रखा था। तीसरे दिन सुशासन की समीक्षा पर चर्चा होनी थी। पहले दिन कलेक्टर कांफ्रेंस किया, दूसरे दिन एसपी कांफ्रेंस किया और तीसरे दिन के सुशासन की समीक्षा को रद्द कर दिया। दरअसल विष्णु का सुशासन केवल ढोंग और कागजी जुमला है। मुख्यमंत्री और सरकार में साहस नहीं की अपने कथित सुशासन की समीक्षा के सके उन्हें मालूम है, जब समीक्षा होगी तो भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अराजकता, कमीशन खोरी, बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था पर भी बात होगी। इन सब मामले में सरकार फेल साबित हो चुकी है। सुशासन के गुब्बारे की हवा न निकल जाए इसलिए समीक्षा रद्द कर दिया गया।

*विष्णु देव की पुलिस बर्बर और क्रूर हो चुकी है*

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि विष्णु देव की पुलिस कितनी बर्बर और क्रूर हो चुकी है इसका उदाहरण बलौदाबाजार में देखने को मिला। बलौदाबाजार में पुलिस चेकिंग कर रही थी, उसी समय एक आदिवासी युवक दिलेश्वर भट्ट वहां से गुजर रहा था, पुलिस को देखकर वह भागने लगा, भागते देखकर पुलिस वालों ने उसे दौड़ा कर पकड़ा तथा उसके साथ मारपीट करने लगे। पुलिस के ही टीआई ने उस आदिवासी युवक को इतना मारा कि उसके पीछे में 7 टांका लगाना पड़ा। यह है कि विष्णुदेव साय की पुलिस जो अपराध को तो रोक नहीं पा रही शरीफ लोगो को मार रही। मुख्यमंत्री जी आज आय एसपी कॉन्फ्रेंस ले रहे, तो एसपी को समझाये कि पुलिस को क्रूर मत बनाये।

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