
कांकेर l अगामी माह के 20 अक्टूबर को हिंदुओं के सबसे बड़े उत्सव दीपावली का महापर्व मनाया जाना है इससें पहले पिछले साल दिपावली के दिन शहर के सघन बस्ती सुभाष वार्ड सहित ग्राम अरौद के गैस गोदाम में फटाके के कारण घर और गैस गोदाम में गिरने से आग लग गया था आग लगने से लक्ष्मी बर्तन भंडार पूरी तरह से जल कर खाक हो चुका था जिसमें अवैध रूप से रखे भरे गैस को वार्डवासियों एवं फायरब्रिगेड के कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया जिसकी दहशद पुरेवार्ड में आज भी फैली हुई है, जिसकी शिकायत थाने पर भी की गई थी इस त्यौहार के अवसर पर क्षेत्र में बहुत बड़े पैमाने पर पटाखों का कारोबार संचालित होता है
इस पर्व को लेकर नगर कांकेर व अंचल के रहवासी क्षेत्रों में दीपावली के एक माह पूर्व से ही पटाखों का अवैध भंडारण शुरु होने की खबरें अब सूत्रों से मिलने लगी है। घनी आबादी वाले इलाकों में बारूद से बने उत्पाद व अन्य विस्फोटक सामग्रियों के भंडारण नही करने के लिये प्रशासन की ओर से सख्त निर्देश होने के बावजूद भी क्षेत्र में पटाखा कारोबारी लोगो की जान खतरे मे डाल रहे हैं । जिस पर रोक लगाने प्रशासन को कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है लेकिन प्रशासनिक उदासीनता और आपसी सांठगांठ के चलते किसी भी पटाखा विक्रेता पर कोई कार्यवाही तो दूर की बात है उनके गुप्त ठिकानों की जांच तक नहीं हो पा रही है जिम्मेदार राजस्व विभाग के द्वारा तो हर वर्ष क्षेत्र का मुआयना किये बिना ही ऑफिस में ही बैठकर धड़ल्ले से घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखा गोदाम बनाने नजरी नक्शा प्रदान कर दिया जाता है जिसके बाद खाद्य विभाग के द्वारा अनुज्ञप्ति भी जारी कर दी जाती है। कार्यवाही नही होने के कारण पटाखा व्यापारियोंं के हौंसले दिन ब दिन बुलंद होते जा रहे हैं

पटाखा व्यापारियों के लिये तेज व मध्यम ध्वनि के पटाखों की बिक्री और अनुज्ञप्ति के अनुसार कितनी मात्रा में दुकान व गोदाम में बारूद रखना है इसके लिये प्रशासन के द्वारा एक निश्चित मापदंड तय किये गए हैं और दुकान वो गोदाम में सुरक्षा के क्या इंतजाम किया गया है इसकी पूरी जवाबदेही सुनिश्चित भी प्रशासन को करना है जिसके बाद भी अनुज्ञप्ति में उल्लेखित मात्रा व विभाग के निर्देशो का पालन नही किया जा रहा है और पटाखों की मनमाने खरीदी कर मनमाने तरीके से बिक्री भी की जा रही है वहीं पटाखा विक्रेता न तो लोगों के जान की परवाह कर रहे हैं और न ही अपनी ऐसे में विस्फोटक वस्तुओं का विक्रय करने वाले उन्हें लाइसेंस जारी करने वाले और साथ ही साथ उन पर कार्यवाही करने वाले विभाग के सभी लोगों की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगता दिखाई दे रहा है अब देखना यह है कि इस खबर के प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन द्वारा लोगों की जान को खतरे में डालने वाले ऐसे लोगों पर किस प्रकार जांच कर कार्यवाही की जाती हैं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा और अगर कार्यवाही नहीं होती है तो कोई बड़ी दुर्घटना होने की संभावना है और अगर कोई दुर्घटना होती है तो इसकी जवाबदेही किसकी होती है..?



