
कवर्धा/राज्योत्सव/छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का आयोजन, कला और संस्कृति का एक ऐसा रंगमंच बना जहां राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर की जीवंत झलक देखने को मिली। धरसीवां विधायक एवं पद्मश्री अनुज शर्मा की विशेष प्रस्तुति ने ऐसा शमां बांधा कि दर्शक मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे। इस पूरे आयोजन में हर प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं की एक अमिट छवि बनाई, जिससे दर्शक न केवल आनंदित हुए, राज्य के सांस्कृतिक गौरव से गर्वित भी महसूस किया।
पद्मश्री अनुज शर्मा की जसगीत, कर्मा और ददरिया की प्रस्तुति ने ऐसा शमां बांधा कि दर्शक मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे। उनकी प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा की झलक दिखाई दी, श्री शर्मा द्वारा प्रस्तुत आरुग हे कलशा दाई, तोर भुवन मा दाई जैसे जसगीत ने माहौल को भक्ति व समर्पण से भर दिया। उनकी आवाज और गायकी में छत्तीसगढ़ की सोंधी महक और गहराई बसी हुई थी, कर्मा और ददरिया जैसे पारंपरिक गीतों पर उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोक कला और संस्कृति से जोड़ दिया, जिस कारण सभी झूम उठे, कलेक्टर गोपाल वर्मा ने सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।




