
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी 44 दिनों से हड़ताल पर, सरकार नही ले रही सुध
बरसात व जहरीले जीव जंतु के बीच रात गुजारने मजबूर

रायपुर/माना/तूता/छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ नियमितीकरण, स्थायीकरण, कार्यभारित तथा आकस्मिकता निधि सेवा नियम लागु करने, लंबित वेतन भुगतान, श्रम सम्मान राशि भुगतान, सीधी भर्ती के रिक्त पदों में दैनिक वेतन भोगी को समायोजन, महासमुंद वन मंडल में 82 प्रभावित दैनिक वेतन भोगी की स्वीकृती सहित मांगो को लेकर 44 दिनों से अनिश्चित कालीन हड़ताल में बैठे है!

सुश्री संध्या मिश्रा प्रदेशाध्यक्ष महिला मंच ने बताया की वन मंत्री के द्वारा किसी प्रकार का कोई पहल नही किया जा रहा है, प्रधान मुख्य वन संरक्षक के द्वारा गोल मोल जवाब दिया जा रहा है महिला प्रतिनिधि मंडल मिलने जा रहा है उन लोगों से मिलने के लिये इंकार किया जा रहा है, स्थायीकरण एवं कार्यभारित आकस्मिकता निधि सेवा नियम लागु करने के संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजना था किन्तु प्रस्ताव नही भेजकर गुमराह किया जा रहा है! भरे बरतात में दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी तुता धरना स्थल में ठहरने के लिये मजबुर है, छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के पंडाल उखड़ गये है हड़ताली कर्मचारी बहुत परेशान है, पानी में भिगते हुए अपनी बीच बचाव करने का प्रयास कर रहा है दैनिक वेतन भोगी रात भर सो नही पाये, सरकार की बेरहमी से लोग परेशान है वन मंत्री एक तरफ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के मांग पर हां कहता है तो वही दुसरी तरफ प्रधान मुख्य वन संरक्षक को मांग पुरी करने के लिये निर्देशित नही करता, हां , और ना समझ से परे है, वन विभाग में 7000 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को दरकिनार करके हाय लेने का काम ना करें!
यही दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के मंच में उपस्थित होकर वन मंत्री केदार कश्यप, उप मुख्य मंत्री अरूण साव, उप मुख्य मंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने आश्वासन दिया था भाजपा की सरकार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियो को नियमितीकरण करेगा लेकिन सरकार बनने के बाद भी सभी मंत्री दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के मांग को अनदेखा करने का काम कर रहा है!
दिवंगत पंचायत शिक्षक अनुकम्पा संघ के आश्रित पिड़ीत परिवार अनुकम्पा नियुक्ति के मांग को लेकर 13 दिनों से अनिश्चित कालीन हड़ताल में बैंठे है, भारी बरसात होने के कारण पंडाल उखड़ गया अस्त व्यस्त हो गया, सभी महिला परेशान हो रहे है सरकार को सुध लेना चाहिये और पिड़ित परिवारों के जायज मांग अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किया जाना चाहिये!
श्रीमति अश्वनी सोनवानी ने बताया, जब संविदा कर्मचारी के आश्रित पिड़ीत परिवार को अनुकम्पा दिया जाता है तो इन शिक्षकों के आश्रितों को क्यों अनुकम्पा नही दिया जा रहा है, शासन नियम बनाकर उक्त पिड़ीत परिवार के भविष्य को देखते हुए सहानुभूति पूर्वक विचार कर नियम बनाते हुए तत्काल अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किया जावें!



