
शेयर बाजार धड़ाम, रुपया बेहाल, केंद्र की गलत नीतियों से लाखों निवेशकों का भरोसा और पैसा दोनों डूबा – कांग्रेस
रायपुर/ सेंसेक्स में मात्र 3 दिनों में 1480 अंकों की भारी गिरावट, बीएसई के 70 फीसदी शेयरों के टूटने, रुपए के भारी अवमूल्यन और अर्थव्यवस्था की लगातार बदहाली के लिए केंद्र सरकार की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि देश और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था आज अभूतपूर्व आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। शेयर बाजार साल के अपने उच्चतम स्तर से 14.5 प्रतिशत नीचे गिर चुका है और बीएसई के अधिकांश शेयर ताश के पत्तों की तरह ढह चुके हैं। लगातार टूटता रुपया और गर्त में जाता निवेशकों का भरोसा इस बात की गवाही दे रहा है कि भाजपा सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह से विफल हो चुकी है। छत्तीसगढ़ के लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों, युवाओं और व्यापारियों की गाढ़ी कमाई भी इस आर्थिक कुप्रबंधन की भेंट चढ़ गई है। कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार से जवाब मांगती है कि इस आर्थिक तबाही का जिम्मेदार कौन है?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार बड़े-बड़े मंचों से डबल इंजन सरकार और विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़ के लंबे-चौड़े दावे करती है। लेकिन सच्चाई यह है कि शेयर बाजार का ऑल-टाइम हाई से 14.5 प्रतिशत तक गिरना और एक साल के भीतर ही बीएसई 500 के 70 फीसदी शेयरों का टूटना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि अर्थव्यवस्था का इंजन पूरी तरह सीज हो चुका है। दिशाहीन आर्थिक नीतियाँ की वजह से आज निवेशकों के लाखों करोड़ डूब गए। संसाधनों के अनुचित वितरण, बढ़ती असमानता, बढ़ती महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी और सिकुड़ते घरेलू बचत के कारण आम जनता की क्रय शक्ति घट रही है, अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है, अधिक कर संग्रहण की भूख और अव्यावहारिक नियमों के जाल में उलझाकर बाजार की खपत को समाप्त कर दिया गया है। बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों से मध्यम वर्ग और छत्तीसगढ़ का स्थानीय व्यापारी वर्ग पिस रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के लाखों नौकरीपेशा, युवा और मध्यमवर्गीय परिवार, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई म्युचुअल फंड्स और शेयर बाजार में लगाई थी, उनकी गाढ़ी कमाई डूब चुकी है। व्यापारी और नौकरीपेशा लोगों के आर्थिक हितों पर विपरीत असर हो रहा है। अर्थव्यवस्था में सुस्ती और रुपए की लगातार गिरावट से महंगाई बढ़ेगी, जिससे सीधे तौर पर आम जनता, गृहिणियों और खुदरा व्यापारियों का बजट बिगड़ रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल सस्ता होता है तब जनता को राहत नहीं दी जाती, और जब बाजार गिरता है तो सारा दोष ग्लोबल मार्केट पर मढ़ दिया जाता है, यह केवल नाकामी छुपाने का बहाना है। पूरी दुनियां में शेयर बाजार चढ़ रहा है लेकिन यहां औंधे मुँह गिरने लगा है, भुखमरी, गरीबी में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। रुपया ऐतिहासिक रूप से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, क्या यही भाजपा का अमृत काल है जहाँ अर्थव्यवस्था आईसीयू में पहुँच चुकी है?



