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लामकन्हार में मुख्यमंत्री से बच्चों ने पूछे बेबाक सवाल, साय ने संघर्ष से सत्ता तक का सुनाया सफर

भानु ने पूछा- राजनीतिक जीवन की शुरुआत कैसे हुई, ओज ने जानना चाहा- नक्सलवाद खत्म करने की क्या योजना बनाई

उत्तर बस्तर कांकेर, 27 सितंबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मासिक रेडियो वार्ता ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में शामिल होने कांकेर जिले के ग्राम लामकन्हार पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने संवाद किया। इस दौरान बच्चों ने मुख्यमंत्री से उनके राजनीतिक जीवन और नक्सलवाद के खात्मे को लेकर सीधे सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने सहजता से बच्चों के सवालों का जवाब दिया और अपने जीवन के संघर्षों से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक के सफर की कहानी साझा की।
कक्षा 12वीं के छात्र भानुप्रताप मरकाम ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत कैसे हुई? जवाब में मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि उनका बचपन संघर्षों और जिम्मेदारियों के बीच बीता। कम उम्र में ही पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं। उन्होंने कहा कि यही परिस्थितियां उन्हें समाज और लोगों के बीच काम करने के लिए प्रेरित करती रहीं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित छोटे से गांव बगिया से उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। पहली बार पंच के चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए। ग्रामीणों के आग्रह पर दूसरी बार सरपंच का चुनाव लड़ा और निर्विरोध चुने गए। इसके बाद वर्ष 1990 में पहली बार विधायक का चुनाव जीता। वर्ष 1999 में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे और लगातार चार बार सांसद रहे। उन्होंने बताया कि पहली बार लोकसभा चुनाव जीतने पर जीत का अंतर करीब 5,800 मतों का था, जबकि अंतिम लोकसभा चुनाव में यह अंतर लाखों मतों तक पहुंच गया। वर्ष 2014 में उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली। वे तीन बार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2023 में कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित होने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का पद संभाला।

ओज ने पूछा- नक्सलवाद खत्म करने की क्या योजना बनाई?
कक्षा 9वीं के छात्र ओज कुमार ने मुख्यमंत्री से पूछा कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार ने क्या योजना बनाई? मुख्यमंत्री श्री साय ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि पुनर्वास नीति, ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच और बेहतर सुरक्षा रणनीति के समन्वय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रयास के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया गया।
मुख्यमंत्री ने बच्चों के आत्मविश्वास और जिज्ञासा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सवाल उनकी जागरूकता और भविष्य के प्रति गंभीर सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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