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भाजपा के कुशासन से टूटा भरोसा, सड़क के लिए दंतेश्वरी माई की शरण में जनता, दानपेटी से निकल रही अर्जियां -कांग्रेस

 

रायपुर/ प्रशासनिक विफलता और संवेदनहीनता के कारण भाजपा सरकार पर जनता का भरोसा खोने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा से खबर आ रही है कि सड़क बनवाने के लिए जनता अब जिला प्रशासन और भाजपा सरकार से उम्मीद छोड़कर मां दंतेश्वरी मंदिर की दानपेटी में अर्जियां डाल रही है, बस्तर की जो तस्वीर सामने आई है, वह साय सरकार के चेहरे पर करारा तमाचा है। दंतेवाड़ा में सड़कों की बदहाली से तंग आकर आम जनता मां दंतेश्वरी मंदिर की दानपेटी में ‘सड़क बनवा दो’ की अर्जी डाल रही है। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ की जनता का भाजपा सरकार, उसके मंत्रियों और प्रशासन से पूरी तरह भरोसा उठ चुका है। जिस सरकार से जनता का विश्वास ही खत्म हो जाए, उसे सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार ‘डबल इंजन सरकार’ और विकास की गंगा बहाने का ढिंढोरा पीट रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि बुनियादी सड़क तक के लिए जनता को देवी-देवताओं के दर पर अर्जियां लगानी पड़ रही हैं। लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सुस्त है। दानपेटी से निकल रही अर्जियां यह दर्शाती हैं कि कलेक्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारियों के दरवाजे जनता के लिए बंद हो चुके हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सड़कें न होने से एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती, प्रसूति महिलाओं और मरीजों को खाट पर ढोना पड़ता है। बस्तर के आदिवासी भाइयों-बहनों को उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में बस्तर सहित में अंदरूनी पहुंच मार्गों का जाल बिछाया गया था, बंद सड़कों को चालू कराया गया था और जनता का विश्वास सरकार पर बहाल हुआ था। आज भाजपा के राज में ‘विश्वास का संकट’ पैदा हो गया है। नई सड़के तो दूर पहले से बने सड़कों की मरम्मत तक नहीं करवा पा रही है भाजपा सरकार।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मां दंतेश्वरी बस्तर की आराध्य देवी हैं। श्रद्धालुओं की भक्ति का केंद्र अब भाजपा सरकार की नाकामी की अर्जी से भर रहा है। बस्तर के आदिवासियों के साथ यह घोर अन्याय और उपेक्षा है। भाजपा के सुशासन के दावों की पोल खुल चुकी है। जब सरकार और सिस्टम से भरोसा उठ जाता है, तभी जनता भगवान की शरण में जाती है। मंत्री और स्थानीय प्रशासन जवाब दें कि बस्तर के विकास का फंड कहां जा रहा है? सड़कों की फाइलें किस अलमारी में धूल खा रही हैं? जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए भगवान भरोसे क्यों छोड़ दिया गया है? भाजपा के आते ही उन सड़कों का रखरखाव और नया निर्माण क्यों ठप्प हो गया?

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