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लालपुर ओवरब्रिज के पास 9 लाख का गांजा जब्त, ओडिशा के दो युवक गिरफ्तार; ऐसे पकड़ी गई बड़ी खेप

रायपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और टिकरापारा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने लालपुर ओवरब्रिज के पास बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 18.330 किलोग्राम गांजा बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के मुताबिक जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 9 लाख 16 हजार 500 रुपये है। इसके अलावा आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। गांजा और मोबाइल समेत कुल जब्ती करीब 9 लाख 36 हजार रुपये की बताई गई है।

मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई

पुलिस को सूचना मिली थी कि लालपुर ओवरब्रिज के आसपास दो संदिग्ध युवक गांजा लेकर घूम रहे हैं। कथित तौर पर दोनों गांजे को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में थे।

सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और टिकरापारा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मुखबिर से मिले हुलिए के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की और इलाके में घेराबंदी कर दी।

कुछ समय बाद पुलिस ने दो युवकों को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान मंगल हरिजन और भीमराज तांडी के रूप में बताई।

बैग की तलाशी में निकला 18 किलो से ज्यादा गांजा

पुलिस के अनुसार दोनों युवकों के पास मौजूद बैग की नियमानुसार तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसमें गांजा बरामद हुआ। वजन करने पर कुल मात्रा 18.330 किलोग्राम निकली।

गांजे की कीमत पुलिस ने करीब 9.16 लाख रुपये आंकी है। दोनों के मोबाइल फोन भी जांच के लिए जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी इस प्रकार है:

  • मंगल हरिजन (19 वर्ष) — ग्राम सालेकेला, थाना बुढ़ेन, जिला नुआपाड़ा, ओडिशा
  • भीमराज तांडी (23 वर्ष) — ग्राम सालेकेला, थाना बुढ़ेन, जिला नुआपाड़ा, ओडिशा
  • जब्त गांजा — 18.330 किलोग्राम
  • गांजे की अनुमानित कीमत — ₹9,16,500
  • कुल जब्ती — करीब ₹9.36 लाख
  • जब्त मोबाइल — 2

ओडिशा से रायपुर पहुंची थी गांजे की खेप

प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस का दावा है कि गांजा ओडिशा से रायपुर लाया गया था। हालांकि, अभी यह जांच का विषय है कि आरोपियों को यह खेप किसने उपलब्ध कराई थी और रायपुर में गांजा किस व्यक्ति को सौंपा जाना था।

पुलिस अब इस मामले में सप्लायर से लेकर संभावित खरीदार तक पूरी कड़ी खंगालने में जुटी है। आरोपियों के मोबाइल फोन से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

मोबाइल से खुलेगा तस्करी नेटवर्क का राज?

जांच में पुलिस का विशेष फोकस आरोपियों के मोबाइल फोन पर है। कॉल डिटेल, संपर्क में आए लोगों और अन्य उपलब्ध डिजिटल जानकारी के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों युवक किन लोगों के संपर्क में थे।

जांच में अगर किसी बड़े सप्लायर या स्थानीय नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

मामले में टिकरापारा थाने में अपराध क्रमांक 852/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

अब पुलिस की जांच इन सवालों पर

  • गांजे की खेप ओडिशा में कहां से मिली?
  • इसे रायपुर तक कौन लेकर आया?
  • रायपुर में गांजा किसे दिया जाना था?
  • क्या आरोपी पहले भी गांजे की सप्लाई कर चुके हैं?
  • मोबाइल फोन से किन लोगों के संपर्क सामने आते हैं?
  • क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं?

फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस पूछताछ और मोबाइल जांच के जरिए इस कथित अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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