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पिता की हत्या करने वाले बेटे को उम्रकैद, घरेलू विवाद के बाद चप्पल से की थी जानलेवा मारपीट

बालोद। बालोद जिले के पुरुर थाना क्षेत्र में पिता की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घरेलू बात को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि बेटे ने अपने पिता के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। गंभीर चोटों के चलते पिता की मौत हो गई।

मामले में पुलिस की जांच और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद सत्र न्यायालय ने आरोपी यशपाल सोरी को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास से दंडित किया।

घरेलू विवाद के बाद पिता पर किया हमला

मामला पुरुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, आरोपी यशपाल सोरी का अपने पिता लचमु सोरी के साथ घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था।

विवाद के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पिता के साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने चप्पल से पिता के साथ प्राणघातक मारपीट की।

हमले में लचमु सोरी को गंभीर चोटें आईं। हालत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुरुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

इन धाराओं में दर्ज हुआ था केस

पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 94/2025 दर्ज किया था। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।

मामले में ये धाराएं शामिल थीं:

  • धारा 294
  • धारा 351(3)
  • धारा 117(2)
  • धारा 115(2)
  • धारा 103

जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना से जुड़े महत्वपूर्ण भौतिक एवं अन्य साक्ष्यों को एकत्र किया।

पुलिस की जांच में जुटाए गए अहम साक्ष्य

प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप कंवर ने की थी। वर्तमान में वे थाना राजहरा में पदस्थ हैं।

विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़ी परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को बारीकी से जांचा। जांच पूरी होने के बाद एकत्र साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुलिस विवेचना में सामने आए साक्ष्यों और मामले से जुड़े तथ्यों को अदालत के सामने रखा।

अभियोजन की दलीलों के बाद कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

मामले में शासन की ओर से शासकीय अभिभाषक तोमन साहू ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों और मामले से जुड़े तथ्यों को न्यायालय के समक्ष रखा।

पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर सत्र न्यायालय ने यशपाल सोरी को दोषी पाया।

इसके बाद अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

घरेलू विवाद ने लिया गंभीर रूप

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि घरेलू विवाद किस तरह बेहद गंभीर और जानलेवा रूप ले सकता है। सामान्य कहासुनी से शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदल गया और अंत में एक पिता की जान चली गई।

अदालत के फैसले के बाद मामले में आरोपी बेटे को उसके अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा मिली है।

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