
उत्तर बस्तर कांकेर। जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में ग्रामीणों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा देने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। वर्ष 2024-25 से वित्तीय वर्ष 2026-27 तक 78 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से 183 पुल-पुलियों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इन निर्माण कार्यों से बारिश के दौरान आवागमन में होने वाली परेशानियों को कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी।
सोनपाल के पास पुल से हो रहा आवागमन
दुर्गूकोंदल विकासखंड के ग्राम सोनपाल के पास नाले में पुल नहीं होने से ग्रामीणों को बरसात के मौसम में परेशानी होने संबंधी समाचार प्रकाशित होने के बाद लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग कांकेर ने स्थिति स्पष्ट की है।

विभाग के अनुसार, एस.एच.-26 पखांजूर-भानुप्रतापपुर मार्ग पर सोनपाल के पास बहने वाले नाले के डाउन-स्ट्रीम में पुल का निर्माण किया जा चुका है। यह पुल ग्राम सोनपाल से लगभग ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और वर्तमान में इसके माध्यम से आवागमन भी हो रहा है।
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बारिश के दौरान नाले में पानी बढ़ने या नाला उफान पर होने की स्थिति में जोखिम लेकर पार करने के बजाय निर्मित पुल का उपयोग करें।
183 पुल-पुलियों के लिए कितनी राशि स्वीकृत?
जिले में पुल-पुलियों के निर्माण के लिए वित्तीय वर्षवार स्वीकृति का विवरण इस प्रकार है:
- वर्ष 2024-25: 10 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से 25 पुल-पुलियां।
- वर्ष 2025-26: 53 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से 115 पुल-पुलियां।
- वर्ष 2026-27: 13 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से 43 पुल-पुलियां।
इस तरह तीन वित्तीय वर्षों में कुल 183 पुल-पुलियों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
दूरदराज के गांवों में सुरक्षित आवागमन पर जोर
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के ऐसे क्षेत्रों में, जहां विभिन्न कारणों से पुल-पुलियों का निर्माण नहीं हो पाया है, वहां आवश्यकतानुसार खनिज न्यास निधि के माध्यम से निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी जा रही है।
इन कार्यों का उद्देश्य केवल सड़क संपर्क बढ़ाना नहीं, बल्कि बरसात के दौरान ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। नालों और छोटी नदियों पर पुल-पुलियों के निर्माण से विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीणों की मांग के आधार पर हो रहे कार्य
प्रशासन ने बताया कि ग्राम पंचायतों और स्थानीय ग्रामीणों की आवश्यकताओं एवं मांग के आधार पर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में आवागमन सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
पुल-पुलियों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होगा और लोगों को बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की संभावना है। जिला प्रशासन ने कहा है कि ऐसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति देकर निर्माण कराया जा रहा है, ताकि कांकेर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी सुरक्षित आवागमन की सुविधा बेहतर हो सके।



