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बिना स्थानीय परामर्श और किसानों की सहमति के योजना लागू करना अनुचित, जनता के हितों को प्राथमिकता दी जाए: विधायक अनुज शर्मा

* "नगर विकास योजना के विरोध में ग्राम पिरदा के सरपंच और ग्रामीणों ने धरसींवा विधायक को सौंपा ज्ञापन; * विधायक ने कहा- नियम और जनभावनाओं के अनुरूप त्वरित निर्णय हेतु शासन के समक्ष मजबूती से रखेंगे पक्ष"

 

रायपुर/धरसींवा:
विधानसभा क्षेत्र धरसींवा अंतर्गत ग्राम पिरदा (प.ह.नं.-76, रा.नि.मं.-18 कांदुल, तहसील व जिला रायपुर) के सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों ने क्षेत्रीय विधायक श्री अनुज शर्मा से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने शासन/प्राधिकरण द्वारा जारी नगर विकास योजना की अधिसूचना पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आग्रह किया है।
विधायक को सौंपे गए आवेदन में ग्रामीणों ने अवगत कराया कि नगर विकास योजना के तहत ग्राम पिरदा के कुल 879 खसरा एवं 143.842 हेक्टेयर कृषि व आबादी भूमि को शामिल कर प्रक्रिया शुरू की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना की घोषणा और राजपत्र में अधिसूचना जारी करने से पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भू-स्वामियों एवं ग्रामीणों को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई और न ही उनकी सहमति ली गई। बिना जन-परामर्श के उठाए गए इस कदम से पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है।

*योजना के कारण आजीविका और आवास पर हो सकता है प्रभाव: अनुज शर्मा*
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं पर विधायक अनुज शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, “आज ग्रामीण जिस गंभीर विषय को लेकर मेरे पास आए हैं, वह वास्तव में विचारणीय है। इस योजना के इस स्वरूप में लागू होने से कई परिवारों के विस्थापन की स्थिति बन सकती है। साथ ही, उपजाऊ कृषि भूमि के इस अधिग्रहण से क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों के समक्ष जीविकोपार्जन का संकट खड़ा हो जाएगा।” इन्हीं जनहित से जुड़े कारणों का हवाला देते हुए प्रतिनिधिमंडल ने राजपत्र में प्रकाशित इस अधिसूचना को निरस्त कराने का आग्रह किया है।

*नागरिकों के अधिकारों की रक्षा मेरा परम कर्तव्य, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र*
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए विधायक अनुज शर्मा ने उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि क्षेत्र की जनता और हमारे अन्नदाताओं के अधिकारों व हितों की रक्षा करना मेरा परम कर्तव्य है। बिना स्थानीय परामर्श और किसानों की सहमति के किसी भी क्षेत्र में इस तरह की योजना लागू करना उचित नहीं है। जनता और किसानों के हितों को सदैव प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे इस विषय को शासन एवं संबंधित प्राधिकरण के समक्ष पूरी मजबूती से उठाएंगे और ग्रामीणों की भावना के अनुरूप इस अधिसूचना को निरस्त कराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसी क्रम में विधायक जी ने माननीय मुख्यमंत्री जी व मंत्री आवास एवं पर्यावरण को पत्र प्रेषित कर जनहित में इस अधिसूचना को तुरंत निरस्त करने का अनुरोध किया है।

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