
कोरबा में लगातार बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के बाद हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी के किनारे और निचले इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कोरबा के सीतामणी इलाके में नदी का पानी घरों तक पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव दल को सक्रिय कर दिया है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।


बांगो डेम से 41 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
जानकारी के मुताबिक बांगो डेम से करीब 41 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा दर्री बराज के गेट खोलने के बाद भी बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर छोड़ा जा रहा है।
जलाशयों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण हसदेव नदी का बहाव बढ़ गया है। इसका सीधा असर नदी किनारे बसे निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है।
सीतामणी क्षेत्र में कई घरों के आसपास पानी पहुंचने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है।
निचले इलाकों में बढ़ी परेशानी
- सीतामणी में घरों तक पानी पहुंचा।
- नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति।
- बांगो डेम से करीब 41 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज।
- दर्री बराज से भी पानी नीचे छोड़ा जा रहा है।
- प्रशासन और राहत-बचाव दल सक्रिय।
- प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों को किया अलर्ट
जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के तेज बहाव और जलभराव वाले स्थानों के पास न जाएं।
प्रशासन की टीमें संभावित प्रभावित इलाकों पर नजर रख रही हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।
लोगों से यह भी कहा गया है कि किसी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
मौसम सिस्टम ने बढ़ाई चिंता
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तटों के पास बना कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़कर डिप्रेशन में बदल गया है।
17 अगस्त की सुबह 5:30 बजे यह डिप्रेशन तटीय पश्चिम बंगाल और उससे लगे बांग्लादेश तथा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास केंद्रित था।
मौसम विभाग के अनुसार, इसके अगले 24 घंटों के दौरान गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल से होते हुए झारखंड की दिशा में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है।
मौसम की इस स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में बारिश और जलस्तर पर प्रशासन की निगरानी और महत्वपूर्ण हो गई है।
नदी किनारे रहने वालों को सावधानी की सलाह
हसदेव नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। बाढ़ या तेज बहाव की स्थिति में नदी के आसपास जाना जानलेवा हो सकता है।
लोगों को सलाह दी गई है कि—
- नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें।
- बच्चों को नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में न जाने दें।
- प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें।
- पानी बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर चले जाएं।
- किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना दें।
फिलहाल हसदेव नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच कोरबा में राहत और बचाव कार्य जारी है। बांगो डेम और दर्री बराज से पानी छोड़े जाने के कारण प्रशासन की नजर नदी के जलस्तर पर बनी हुई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क रहने की अपील की जा रही है।



