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स्कूलों की बदहाली, अव्यवस्था और अक्षमता के लिए जिम्मेदारी तय हो, छत्तीसगढ़ के भी शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें – कांग्रेस

 

रायपुर/ राज्य में शिक्षकों की कमी, बदहाल आत्मानंद स्कूलों और जगदलपुर के छात्रा की आत्महत्या के मामले में न्याय व मुआवजे की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकारी स्कूल की दुर्दशा के जिम्मेदार राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को मंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है, ऐसे निकम्मे स्कूल शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए। नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद अब छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री की बारी है। गजेंद्र यादव ने अपनी अकर्मण्यता पर पर्देदारी के लिए ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अनुचित ठहराया है, लेकिन उनके इस बयान से छत्तीसगढ़ के युवा व्यथित हैं, ऐसे कुतर्की नेताओं के लिए मंत्रिमंडल में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि संघ के शाखा में नियमित जाने वाला मंत्री संविधान की शपथ लेने के बाद भी सांप्रदायिकता को बढ़ावा देकर शिक्षा के मंदिरों को लगातार कलंकित कर रहा है। प्रदेश का जेन-जी बांटने की राजनीति पर भरोसा नहीं करता, केवल गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा चाहता है। अपने राजनैतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए गजेंद्र यादव ने जिन दस मंत्रों की बाध्यता स्कूली बच्चों के लिए लागू की है वे उन पर कितना अमल करते हैं? स्कूली बच्चों को समय पर किताब, गणवेश और छात्रवृत्ति तो दे नहीं पा रहे हैं लेकिन अव्यावहारिक प्रयोग लगातार जारी है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल पूरी दुनिया में शिक्षा का शानदार मॉडल के तौर पर स्थापित हुआ था, जिसे भाजपा की सरकार में पूरी तरह से निस्तानाबूत कर दिया है। भाजपा की सरकार नहीं चाहती कि छत्तीसगढ़ के बच्चे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सके, इन्हें तो केवल अंधभक्त चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद से युक्तियुक्त कारण के नाम पर 10463 स्कूल बंद कर दिए गए। प्रदेश में संचालित लगभग 53000 स्कूलों में नए सेटअप के नाम पर सभी स्कूलों में शिक्षकों के न्यूनतम पद में एक-एक शिक्षक की कमी कर दी गई। छात्र शिक्षक अनुपात बढ़ाए गए। हर महीने सैकड़ो की संख्या में शिक्षक रिटायर हो रहे हैं लेकिन नई भर्ती इस शिक्षा विरोधी सरकार ने रोक रखी है। विद्या मितान और अतिथि शिक्षकों की नौकरी खा गए, डीएड अभ्यर्थी लगातार आंदोलित हैं, मध्यान भोजन रसोईया और सफाई कर्मचारी नौकरी से निकाल दिए गए। ऐसे निष्क्रिय स्कूल शिक्षा मंत्री के खिलाफ छात्रों का आक्रोश चरम पर है, विद्यार्थियों के हित में काम नहीं कर सकते तो स्तीफा दे देना चाहिए।

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