
रायपुर/ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि रायपुर- विशाखापट्टनम कॉरिडोर परियोजना को प्रदेश के विकास की रीढ़ बताया जा रहा है, उसी परियोजना में घटिया निर्माण, देरी और कथित अनियमितताओं की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। सरकार को प्रचार करने के बजाय इस पर खड़े हो रहे सवालों को गंभीरता से जवाब देना चाहिए। रायपुर विशाखापट्नम भारतमाला सड़क में उदघाटन से पहले ही भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की पोल खुल गई है, अभी से ही सड़को पर दरारें इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सरकार के फोकस में जन सुविधा नहीं बल्कि मुनाफाखोरी में हिस्सेदारी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार इस परियोजना पर लगभग 16 हजार करोड़ रु. खर्च होने का दावा कर रही है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यदि सरकार के अनुसार परियोजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, तो फिर जगह-जगह मरम्मत और सुधार की आवश्यकता क्यों पड़ रही है? इससे स्पष्ट है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि केवल केंद्रीय योजनाओं में ही नहीं राज्य सरकार के विभागों में और अधिक है। पीडब्लूडी मंत्री के गृह जिले मुंगेली जिले के अमर टापू धाम में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पुल का स्लैब पहली ही ढलाई में गिर गया, निर्माण गुणवत्ता और विभागीय निगरानी, और भ्रष्टाचार की कलई खुल गई है। यह सरकार केवल कमीशनखोरी में मस्त है। निर्माण में घटिया सामग्री, तकनीकी लापरवाही और ठेकेदारों से अनुचित वसूली की वजह से ही यह हादसा हुआ। गरियाबंद जिले में कोसुमबूड़ा पुल तेज बहाव में टूट गया, जिससे दस से ज्यादा गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया। अब ग्रामीणों को अस्पताल, स्कूल, बाजार और बैंक तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूरजपुर जिले के सुखदेवपुर नाला में टूटी पुलिया और अधूरे रपटा की वजह से स्कूली बच्चों, महिलाओं और किसानों को रोज जान जोखिम में डालकर उफनता नाला पार करना पड़ रहा है। परिजन बच्चों को कंधे पर बैठाकर स्कूल पहुंचा रहे हैं, जबकि किसान ट्रैक्टर और मवेशियों के साथ बड़ी मुश्किल से आवाजाही कर रहे हैं। पामगढ़ सहित प्रदेश की जनता सड़कों में गड्डो पर भरे पानी में नहाते हुए वीडियो बनाकर इस सरकार की नाकामी को उजागर कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार को विकास के नाम पर केवल दावे करने के बजाय जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर के निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए और भ्रष्टाचार या अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।



