
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सामने आए धान खरीदी घोटाले मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तालाकुर्रा धान खरीदी केंद्र में अनियमितता पाए जाने के बाद खरीदी केंद्र प्रभारी समेत तीन लोगों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले की जांच अब पुलिस ने शुरू कर दी है।
कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देश पर खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त टीम ने उपार्जन केंद्र का भौतिक सत्यापन किया था। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में धान की कमी सामने आई।

जांच में 3692 क्विंटल से ज्यादा धान मिला कम
प्रशासनिक जांच में तालाकुर्रा धान खरीदी केंद्र में 3692.68 क्विंटल धान कम पाया गया। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई।
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मरकाटोला के प्रबंधक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर जिन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई है, उनमें शामिल हैं—
- धान खरीदी केंद्र प्रभारी।
- कम्प्यूटर ऑपरेटर।
- बारदाना प्रभारी।
पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
प्रशासन ने गठित की थी संयुक्त जांच टीम
तालाकुर्रा उपार्जन केंद्र में धान की मात्रा में अंतर की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कराई थी।
जांच टीम ने केंद्र में मौजूद रिकॉर्ड, धान के भौतिक स्टॉक और खरीदी से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण किया। इस दौरान स्टॉक में भारी अंतर सामने आया।
जांच रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
कांग्रेस ने लगाया था करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप
इस मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मरकाटोला में चक्काजाम कर धान खरीदी में अनियमितता का आरोप लगाया था।
कांग्रेस का आरोप था कि इस मामले में करीब 1.14 करोड़ रुपये के धान घोटाले की आशंका है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि घोटाले में कितने लोग शामिल हैं और किस स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी हुई।
पुलिस जांच में सामने आएंगे कई सवाल
एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच एजेंसियां कई बिंदुओं पर जांच करेंगी—
- धान की कमी कैसे हुई?
- रिकॉर्ड में क्या गड़बड़ी की गई?
- खरीदी प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही?
- क्या इस मामले में और लोग शामिल हैं?
- आर्थिक नुकसान की वास्तविक राशि कितनी है?
मुख्य बातें
- तालाकुर्रा धान खरीदी केंद्र में अनियमितता का मामला।
- जांच में 3692.68 क्विंटल धान कम मिला।
- खरीदी केंद्र प्रभारी समेत 3 लोगों पर एफआईआर।
- खाद्य, सहकारिता और बैंक विभाग की टीम ने किया था सत्यापन।
- पुलिस ने शुरू की मामले की जांच।
- कांग्रेस ने लगाया था 1.14 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप।
तालाकुर्रा धान खरीदी केंद्र मामले में एफआईआर के बाद अब जांच आगे बढ़ेगी। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में कितने लोग जिम्मेदार हैं और धान की कमी के पीछे वास्तविक कारण क्या रहे।



